गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती पर जीबीएम कॉलेज में आयोजित हुईं विभिन्न प्रतियोगिताएँ

*-काव्य पाठ में छात्रा रिति को तथा कथा वाचन में काजल को मिला प्रथम स्थान*


गया जी। गौतम बुद्ध महिला कॉलेज में अंग्रेजी विभाग द्वारा प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल की अध्यक्षता में अंग्रेजी एवं बांग्ला भाषा तथा साहित्य के महान कवि, लेखक, नाटककार, संगीतकार, चित्रकार, एवं दार्शनिक गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। टैगोर की चर्चित कविताओं एवं कथाओं को समर्पित “काव्य पाठ प्रतियोगिता’ एवं “लघु कथा वाचन प्रतियोगिता” में कॉलेज के विभिन्न विभागों की छात्राओं ने बढ़चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्या एवं मंचासीन प्रोफेसरों ने मंत्रोच्चार के साथ सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया। प्रधानाचार्या डॉ पटेल के नेतृत्व में महाविद्यालय परिवार ने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के छायाचित्र पर माल्यार्पण किया तथा पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की संयोजिका एवं अंग्रेजी विभाग की अध्यक्ष डॉ कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी ने रवीन्द्रनाथ टैगोर के प्रसिद्ध बांग्ला गीत “जोदि तोर डाक शुने केऊ ना आसे, तोबे एकला चलो रे” की संगीत के साथ सुमधुर प्रस्तुति दी। सभी ने रवीन्द्रनाथ टैगोर के सम्मान में खड़े होकर ‘तौबे ऐकला चलो रे’ गीत को सुना, गाया तथा गुनगुनाया। कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ शबाना परवीन हुसैन ने किया। उन्होंने रवीन्द्रनाथ टैगोर का संक्षिप्त साहित्यिक परिचय देते हुए प्रतियोगिताओं के नियमों पर प्रकाश डाला।
‘पोएम रेसिटेशन कंपटीशन’ एवं ‘शॉर्ट स्टोरी रेसिटेशन कंपटीशन’ में प्रिंसी, नैना, अमृता, खुशी, दिव्यांशी सिन्हा, जस्सी शाह, शिवानी कुमारी, मानसी कुमारी, आरज़ू, सुहानी सिंह, सलोनी कुमारी, रिती, समृद्धि, लक्ष्मी, काजल कुमारी, अभिनीता सेन एवं लक्ष्मी ने अपना परिचय देते हुए रवीन्द्र नाथ टैगोर द्वारा रचित प्रसिद्ध इंग्लिश पोएम्स ‘वोकेशन’, ‘क्लाउड एण्ड वेव्ज’, ‘पेपरबोट्स’, ‘व्हेयर द माइंड इज विदाउट फीयर’, ‘द चंपा फ्लॉवर’, ‘लीव दिस चैंटिंग”, ‘द लास्ट बार्गेन’, ‘अॉन द सीशोर’, ‘द फ्लॉवर स्कूल’, गो नॉट टू द टेंपल’, एवं ‘द पोस्टमास्टर’, ‘काबुलीवाला’ जैसी हर्ट टचिंग शॉर्ट स्टोरीज को प्रशंसनीय ढंग से प्रस्तुत किया। निर्णायक मंडल की सदस्य डॉ शगुफ्ता अंसारी, डॉ नगमा शादाब, एवं डॉ अमृता कुमारी घोष ने प्रोनन्सिएशन, इंटोनेशन एवं ओवरअॉल प्रेजेंटेशन के आधार पर प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान के लिए विजेताओं का चयन किया। अंग्रेजी विभाग की सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ पूजा ने परिणाम की घोषणा की। पोएम रेसिटेशन कंपटीशन में अंग्रेजी मेजर की छात्रा रिति प्रथम, हिन्दी मेजर की सुहानी सिंह द्वितीय, तथा फिजिक्स मेजर की दिव्यांशी सिन्हा तृतीय स्थान मिला। वहीं स्टोरी टेलिंग कंपटीशन में बॉटनी मेजर की छात्रा काजल कुमारी को प्रथम एवं ज़ूलॉजी की लक्ष्मी कुमारी को द्वितीय, एवं इंग्लिश मेजर की छात्रा समृद्धि को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
अध्यक्षीय वक्तव्य में प्रधानाचार्य डॉ सीमा पटेल ने काव्य पाठ तथा कथा वाचन प्रतियोगिताओं में छात्राओं की सुंदर, सक्रिय तथा प्रशंसनीय प्रतिभागिता की सराहना की। उन्होंने डॉ रश्मि, डॉ पूजा, डॉ डॉ शबाना एवं डॉ अफ्शां नाहिद के साथ अंग्रेजी विभाग की सभी छात्राओं को रवीन्द्र नाथ टैगोर पर एक यादगार एवं सफल कार्यक्रम के आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने टैगोर की प्रसिद्ध रचना “व्हेयर द माइंड इज विदाउट फीयर” को अपनी पसंदीदा कविताओं में से एक बताया। उसका पाठ करके उसमें निहित भावार्थ पर भी प्रकाश डाला। छात्राओं को काव्य पाठ करते समय उच्चारण, भाव-भंगिमा तथा आरोह-अवरोह का ध्यान रखने कहा। धन्यवाद ज्ञापन डॉ रश्मि ने किया। उन्होंने गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर को बहुमुखी प्रतिभा का धनी एवं विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बतलाया। छात्राओं को उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से प्रेरणा लेने की बात कही। डॉ रश्मि ने कहा कि टैगोर जयंती पर अंग्रेजी विभाग द्वारा इन प्रतियोगिताओं के आयोजन का मूल उद्देश्य छात्राओं को टैगोर की प्रेरक जीवनी एवं उत्कृष्ट रचनाओं में निहित आध्यात्मिक भावों, उदात्त विचारों, तथा साहित्यिक व सांस्कृतिक सौंदर्य से परिचित करवाना था। कार्यक्रम का समापन रवीन्द्र नाथ टैगोर द्वारा रचित राष्ट्रगान से हुआ।
कार्यक्रम में डॉ सहदेब बाउरी, डॉ आशुतोश कुमार पांडेय, डॉ विजेता लाल, डॉ नुद्रतुन निसां, डॉ वीणा कुमारी जायसवाल, डॉ फातिमा, डॉ किरण कुमारी, डॉ सीमा कुमारी, रौशन कुमार, अभिषेक कुमार, सुरेंद्र कुमार, अजीत कुमार, रंजीत कुमार, राजेश कुमार के अलावा अन्या, तान्या, निधि, स्तुति, कसक, कशिश, संजना, मनीषा, गौरी श्रेष्ठ, कुलीना राज सहित अनेक छात्राओं की उपस्थिति रही। ज्ञातव्य है कि रवीन्द्र नाथ टैगोर एक महान भारतीय कवि, दार्शनिक, संगीतकार और साहित्यकार हैं, जिन्हें “गुरुदेव” के नाम से जाना जाता है। उनका जन्म 07 मई, 1861 को कोलकाता के ठाकुरबाड़ी में तथा निधन 07 अगस्त 1941 को हुआ था। टैगोर को वर्ष 1913 में उनके प्रसिद्ध काव्य-संग्रह ‘गीतांजलि’ के अंग्रेजी अनुवाद ‘गीतांजलि: सौंग्स अॉफरिंग्स’ के लिए साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वे यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय और पहले गैर-यूरोपीय व्यक्ति थे। उन्होंने ही भारत के राष्ट्र-गान ‘जन गण मन’ एवं बाँग्लादेश के राष्ट्रीय गान ‘आमार सोनार बांग्ला’ की रचना की थी।
