शिक्षा एवं साहित्य

*शब्दवीणा के “मनभावन सावन” काव्यगोष्ठी में बादल, बारिश, प्रकृति, एवं रक्षाबंधन पर पढ़ी गयीं रचनाएँ*

*-पतवारों की आदत छोड़ो, तैर के दरिया पार करो* *-सुनो सहेली सावन आया, मनमोहक मनभावन आया* गया जी। राष्ट्रीय साहित्यिक...

सच्ची रक्षाबंधन: डोर से बंधकर उस परम रक्षक को जीवन में ले आना

रक्षाबंधन: बाहरी धागा या आंतरिक चेतना का बंधन आज रक्षाबंधन का त्योहार है। हर त्योहार कोई संदेश देने के लिए...

शिकायत से ‘रज़ा’ तक का सफर: कर्मों की स्वीकार्यता में ही छिपा है परमानंद

सृष्टि का दैवीय खेल स्त्री और पुरुष: शरीर का फर्क, आत्मा का नहीं पुरुष और स्त्री - ये हैं क्या?...

तुलसीदास जयंती : “तुलसी भरोसे राम के, निर्भय होकर सोए”

तुलसीदास जी के नाम से हम परिचित हैं। श्री राम जी की कथा लिखने वाले संत वाल्मीकि, जिन्होंने त्रेतायुग में...

यदि भारत एक है, तो क्या उसके बच्चों की शिक्षा भी कम-से-कम एक जैसी नहीं होनी चाहिए?

एक देश, अनेक शिक्षा प्रणालियाँ ! क्या समान अवसर केवल संविधान की किताबों तक सीमित है? खोजी विश्लेषण भारत को...

विकास के बीच सुलगता युवाओं का भविष्य, आधुनिक शिक्षा में अध्यात्म की ज़रूरत

बाहरी तरक्की और आंतरिक शांति: अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर एक आह्वान अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस कोई त्योहार नहीं है। जब यूनाइटेड...

“जनरल खंडूरी – एक सिपाही, एक संदेश” अनुशासन की आखिरी सलामी

संयुक्त नागरिक संगठन के मार्गदर्शक अर्जुन कोहली(सेवानिवृत शिक्षक एवं सोशल एक्टिविस्ट) की कलम से स्वरचित श्रद्धांजलि कविता "जनरल खंडूरी -...

*जीबीएम कॉलेज में एनएसएस इकाई द्वारा डॉ भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर लघु संगोष्ठी एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन*

*-एनएसएस स्वयंसेवकों ने "संविधान और महिलाएँ" विषय पर सारगर्भित आलेख लिखे एवं रंग-बिरंगे पोस्टर्स बनाए* गया जी। गौतम बुद्ध महिला...

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