राजकीय कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की, 21 को निकालेंगे आक्रोश रैली

हरिद्वार। राजकीय कर्मी सरकार की वर्तमान पेंशन स्कीमों से इत्तफाक नहीं रखते, पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन के नेताओं का कहना था सरकार की Nps और Ups योजना से किसी को रिटायरमेन्ट के बाद पेंशन 700 तो किसी को 1000 रुपए मिल रही है, जब आज हमारा गुजारा माह में मिलने वाले 60-70 हजार रूपये में नहीं हो पा रहा तब इस प्रकार की चंद हजार रुपये की मिलने वाली पेंशन में कैसे होगा. इसी आक्रोश को लेकर पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन के गढ़वाल मंडल के पदाधिकारियों ने पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग करते हुए मंगलवार 21 अप्रैल को ज्वालापुर पुल जटवाड़ा से डीएम कार्यालय रोशनाबाद तक बाइक रैली निकालने का ऐलान किया है।
आज प्रेस क्लब सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष विकास कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2004 में पुरानी पेंशन योजना समाप्त कर दी गयी थी। इसके बाद न्यू पेंशन स्कीम nps और वर्ष 2023 में यूनिफाइड पेंशन स्कीम ups लागू की गयी। लेकिन दोनों पेंशन योजना बाजार की अनिश्चितताओं पर निर्भर हैं। जिससे कर्मचारी वर्ग को कोई लाभ नहीं है। कर्मचारियों के हितों को देखते हुए सरकार को पुरानी पेंशन योजना बहाल करनी चाहिए। जिला अध्यक्ष सुखदेव सैनी ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों के हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण आर्थिक सवाल है। रिटायरमेंट के बाद पेंशन ही कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा और जीवन यापन का आधार है। इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन निश्चित होनी चाहिए। नई पेंशन योजना ओर यूनिफाइड पेंशन योजना में कर्मचारियों के हित सुरक्षित नहीं है। दोनों योजनाओं में पेंशन की गारंटी, सामाजिक सुरक्षा एवं स्थिरता की कमी है। इसलिए लाखों कर्मचारियों के हितों को देखते हुए सरकार को पुरानी पेंशन योजना बहाल करनी चाहिए।
प्रांतीय सचिव डा.शिवा अग्रवाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल, केरल, हिमाचल और राजस्थान आदि राज्यों की तर्ज पर पुरानी पेंशन बहाल की जाए। जिससे रिटायर कर्मचारी सुरक्षित रूप से अपना जीवन यापन कर सकें। उन्होंने कहा कि लाखों अधिकारियों और कर्मचारियों के अधिकार व सम्मानजनक सुरक्षित भविष्य के लिए 21 अप्रैल को विशाल बाइक रैली के माध्यम से जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा।
वार्ता में दीपक चौहान, सदाशिव भास्कर, मनोज बरछीवाल, अश्वनी चौहान, खेमानंद, चंद्रकांत बिष्ट, सुमित चौहान, डा.शिवा अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
