‘सुरक्षित बचपन अभियान’ प्रथम चरण का समापन: लगभग 1,17,605 विद्यार्थियों तक पहुँची कानूनी जागरूकता

0

हरिद्वार. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के तत्वावधान में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ प्रथम चरण के समापन पर जिले से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर 244 स्कूलों में लगभग 1,17,605 विद्यार्थियों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाई गई।

आज सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार श्रीमती सिमरन जीत कौर के द्वारा बताया गया कि प्राप्त आंकड़ों के अनुसार “सुरक्षित बचपन अभियान “के तहत संपूर्ण जनपद हरिद्वार के 244 स्कूलों के लगभग 1,17,605 छात्र-छात्राओं को कानूनी जागरूकता प्रदान की गई। इस अभियान के अंतर्गत माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार, श्री नरेंद्र दत्त जी ,माननीय प्रधान न्यायाधीश महोदय परिवार न्यायालय हरिद्वार, सभी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरिद्वार, स्पेशल पाक्सो जज/ अपर जिला जज हरिद्वार, द्वारा स्कूलों में शिविर आयोजित किए गए वही सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार द्वारा प्रतिदिन 3 यानी कुल 15 कैंप आयोजित , इसके साथ ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार और सभी सिविल जज (सीनियर डिविजन) व अन्य माननीय न्यायिक अधिकारी गण हरिद्वार, द्वारा शिविर आयोजित किए गए।
रुड़की तहसील क्षेत्र के स्कूलों में अपर जिला जज व अन्य सभी माननीय न्यायिक अधिकारीगण , तहसील विधिक सेवा समिति की सचिव, तथा लक्सर तहसील क्षेत्र के स्कूलों में अपर जिला जज लक्सर व अन्य माननीय न्यायिक अधिकारीगण, तहसील विधिक सेवा समिति की सचिव द्वारा अनेक स्कूलों में पहुंचकर यह अभियान चलाया गया। इसमें एसपी सदर हरिद्वार, डिप्टी कमांडेंट पीएसी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी हरिद्वार, बाल कल्याण समिति के सदस्यगण तथा 65 पीएलवी एवं पैनल अधिवक्ताओं का विशेष सहयोग रहा।

इस अभियान के तहत रुड़की, लक्सर, नारसन, भगवानपुर, खरखड़ी, श्यामपुर, बहादराबाद और हरिद्वार सहित पूरे जिले के क्षेत्रों को कवर किया गया। सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत संपूर्ण जनपद से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर 1,17,605 छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट एवं बालकों के कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। साथ ही बच्चों को साइबर क्राइम तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में बताया गया।

इसके अतिरिक्त, बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर (1098), साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर (1930) और नालसा हेल्पलाइन नंबर (15100) आदि के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। यह संपूर्ण कार्यक्रम जिले के सभी न्यायिक अधिकारियों, शिक्षा विभाग, बाल कल्याण समिति (हरिद्वार), एसजीपीयू, जिला प्रोबेशन विभाग (हरिद्वार), पुलिस विभाग, तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ताओं एवं अधिकार मित्रों के सक्रिय सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share