“देशभक्त को देशभक्तों के श्रद्धासुमन” कार्यक्रम में दून की सामाजिक संस्थाओं के प्रबुद्धजनों ने सरदार पटेल प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए
देहरादून. उत्तराखंड को आज जनता के प्रति जवाबदेह, ईमानदार,कर्तव्य परायण,समर्पित नौकरशाही की जरूरत है जो राजनेताओं की गुलामी नहीं बल्कि जनाकांक्षाओं के अनुरूप सेवक के रूप में निष्पक्ष निर्णय ले सके। स्वतंत्रता सेनानी तथा देश के पहले गृहमंत्री सरदार पटेल का स्पष्ट मानना था कि भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के अधिकारियों को बिना किसी राजनीतिक दबाव के कार्य करने की आजादी और संवैधानिक सुरक्षा मिलनी चाहिए जिससे वह देश हित में निष्पक्ष निर्णय ले सके।

प्रशासनिक अधिकारी नेताओं के नहीं संविधान के सेवक हैं, ये अहसास नौकरशाही को कराया जाना समय की मांग भी है। ये उद्गार पटेल की 151 वी जयंती पर पटेल पार्क देहरादून में, संयुक्त नागरिक संगठन के तत्वावधान में पटेल की प्रतिमा के समक्ष आयोजित “देशभक्त को देशभक्तों के श्रद्धासुमन” कार्यक्रम में दून की सामाजिक संस्थाओं के प्रबुद्धजनों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए व्यक्त करे।
वक्ताओं ने कहा सांप्रदायिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता, मित्रता की भावनाओं को सुदृढ़ बनाते हुए विभिन्न सामाजिक उद्देश्यों को लेकर गठित संस्थाओं के नेतृत्व को एकता के सूत्र में पिरोकर संयुक्त नागरिक संगठन विगत 10 वर्षों से सरदार पटेल के पदचिन्हों पर कार्यरत है जिस पर हमें गर्व है।वक्ताओं ने कहा आजादी के बाद संविधान सभा में जब कुछ सदस्यों ने अंग्रेजों की भारतीय सिविल सर्विस की निष्ठा पर आपत्तियां प्रगट की थी तब तत्कालीन गृहमंत्री पटेल ही थे जिन्होंने इन सेवाओं के पक्ष में अपनी विचारधारा को रेखांकित करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवाओं को मजबूत बनाया।
पुष्पांजलि कार्यक्रम में डॉक्टर मुकुल शर्मा,कैप्टन पदमसिंह थापा,डा.एस स्वामी चंद्रा,मुकेश नारायण शर्मा,डॉ राकेश डंगवाल, मोहन सिंह खत्री,डा.महावीर सिंह बिष्ट, गिरीशचंद्र भट्ट,पद्मेंद्र सिंह बर्थवाल, सुशील त्यागी,सुशील भंडारी,नरेश चंद्र कुलाश्री,राजीव खनसाली,दिनेश भंडारी,उमेश्वर सिंह रावत,अवधेश शर्मा,प्रकाश नागिया,शांति प्रसाद नौटियाल,पिंकी बिष्ट,सुश्री गीता चौधरी,अंकित सिंह,डा.ऊर्जा आहूजा, वैद्य साक्षी मित्तल,पुनः आरंभ,कृष्ण गोदियाल,राजेंद्र श्रीवास्तव, नीरज उनियाल,गोविंद सिंह गोसाई आदि शामिल थे ।
अंत में उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच की सुलोचना भट्ट के पति के निधन पर दो मिनट मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि भी दी गई।
