प्रेस क्लब के संवाद कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने साझा की विधिक जानकारियां

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Thesoulofindia,Haridwar
हरिद्वार। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन सिमरन जीत कौर ने कहा कि न्याय को सरल और सुलभ बनाने के उद्देश्य से समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 के तहत संवाद कार्यक्रम का आयोजन गया। इस अभियान के तहत आपसी सुलह और समझौते के माध्यम से लंबित मामलों का निस्तारण करने का प्रयास किया जाएगा।
प्रेस क्लब में आयोजित संवाद कार्यक्रम में भाग लेने पहुँची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती सिमरनजीत कौर का सर्वप्रथम प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल ने बुके देकर आदर सम्मान किया। वहीँ प्रेस क्लब के वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा उन्हें स्मृति चिन्ह, गंगाजली एवं रुद्राक्ष माला भेंट कर सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे समारोह सचिव महताब आलम ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिरमनजीत कौर की योग्यता एवं उपलब्धियों से अवगत करया।
आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि प्रत्येक कोर्ट में करीब 100 से 200 मामले लंबित रहते हैं। इनमें कई ऐसे मामले होते हैं, जिन्हें आपसी सहमति और संवाद के जरिए आसानी से सुलझाया जा सकता है।
जेल में भी वादों के निपटारों के न होने से व्यवस्था से अधिक कैदी भरे होते हैं, हरिद्वार आने पर कई मामलों पर सुनवाई कर सैंकड़ो कैदी रिहा कराए, और 1500 कैदीयों की संख्या को 900 के लगभग किया.
उन्होंने कहा कि लोक अदालत व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य लोगों को त्वरित, सरल और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि भारत के सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह 2026 की शुरुआत 21 अप्रैल 2026 से की जा चुकी है, जिसकी परिणति 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत के रूप में होगी। इस दौरान सर्वाेच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों को सुलह-समझौते के जरिए निपटाने का प्रयास किया जाएगा। सिमरन जीत कौर ने बताया कि विशेष लोक अदालत से पहले विभिन्न स्तरों पर पूर्व सुलह बैठकों का आयोजन किया जाएगा। ये बैठकें राज्य, जिला, तालुका और उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा समिति स्थित मध्यस्थता केंद्रों में होंगी। बैठकों में प्रशिक्षित मध्यस्थ और विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी पक्षकारों को समझौते के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि पक्षकार इन बैठकों में शारीरिक रूप से उपस्थित होने के साथ-साथ वर्चुअल माध्यम से भी शामिल हो सकते हैं। इसके लिए सर्वाेच्च न्यायालय की वेबसाइट पर एक गूगल फॉर्म उपलब्ध कराया गया है, जिसे भरकर संबंधित पक्ष अपने मामले को समाधान समारोह 2026 में शामिल करा सकते हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं, वादकारियों और आम लोगों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि सुलह-समझौते से न केवल न्यायालयों का बोझ कम होगा, बल्कि लोगों को लंबे समय तक चलने वाले विवादों से भी राहत मिलेगी। इस दौरान बालकृष्ण शास्त्री, कुलभूषण शर्मा, डा.शिवा अग्रवाल, मनोज खन्ना, रजनीकांत शुक्ला, संदीप शर्मा, लव शर्मा, संदीप रावत, राहुल वर्मा, शैलेंद्र गोदियाल, शिवकुमार, शिवांग अग्रवाल, गुलशन नैयर, श्रवण झा, रूपेश वालिया, सुनील दत्त पांडे, निशा शर्मा, राजकुमार, हिमांशु द्विवेदी, आदेश त्यागी, प्रशांत शर्मा, अविक्षित रमन, रामचंद्र कनौजिया, रत्नमणी डोभाल, जोगेंद्र मावी, वैभव भाटिया, शैलेंद्र ठाकुर, महावीर नेगी, महेश पारीख, रामसिंह सैनी, प्रतिभा वर्मा, पुलकित शुक्ला, सुमित यशकल्याण, हरीश, राजकुमार पाल, एडवोकेट रमन सैनी आदि मौजूद रहे।

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