वक्ताओं ने कहा पर्यावरण संरक्षण के लिए जनजागरण और पौधों का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता

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नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स की पर्यावरण संगोष्ठी में मेधावी छात्र-छात्राओं एवं समाजसेवियों का सम्मान

हरिद्वार। उत्तराखण्ड के मीडियाकर्मियों की प्रमुख राज्यस्तरीय पंजीकृत संस्था नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (एनयूजे) की हरिद्वार जनपद इकाई द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लालढांग क्षेत्र स्थित लाला ओम प्रकाश ज्ञानदीप कन्या इंटर कॉलेज में पर्यावरण संरक्षण विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया तथा शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए एनयूजे के संरक्षक त्रिलोक चन्द्र भट्ट ने कहा कि पर्यावरण केवल पेड़-पौधों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि जल, वायु, भूमि और ध्वनि प्रदूषण से भी इसका सीधा संबंध है। उन्होंने कहा कि बढ़ता प्रदूषण, वनाग्नि की घटनाएं, घटता भू-जल स्तर, सूखते धारे-नौले तथा ऋतुचक्र में हो रहे बदलाव ग्लोबल वार्मिंग के गंभीर संकेत हैं। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता केवल पौधारोपण करने की नहीं, बल्कि पौधों को वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने की है। श्री भट्ट ने उत्तराखण्ड के रैणी गांव से प्रारम्भ हुए ऐतिहासिक चिपको आन्दोलन का उल्लेख करते हुए गौरा देवी, चंडी प्रसाद भट्ट एवं पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा के योगदान का स्मरण किया तथा उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

एनयूजे हरिद्वार के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह सिद्धु ने कहा कि पत्रकार समाज का जागरूक प्रहरी होता है और पर्यावरण संरक्षण जैसे जनहित के विषयों को समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना मीडिया का दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल सरकारों का कार्य नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि हम आज पर्यावरण के प्रति सजग नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकटों का सामना करना पड़ेगा।
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रमोद कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन में कम से कम एक पौधे को वृक्ष बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं की सहभागिता से ही पर्यावरण संरक्षण के प्रयास सफल हो सकते हैं।
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य जितेन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना विकसित करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना नहीं, बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने विद्यालय में आयोजित इस संगोष्ठी के लिए नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। साथ ही आशा नेगी, विमला रावत, आचार्य सुमन धस्माना तथा सामाजिक क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले अन्य व्यक्तियों को भी सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के प्रदेश कोषाध्यक्ष हरपाल सिंह, मुकेश कुमार सूर्या, संजय अग्रवाल, सूर्या सिंह राणा, भगवती प्रसाद गोयल, प्रभाष भटनागर, मुदस्सर मसूरी, जयचंद्र चतुर्वेदी, अमीषा विष्ट, स्वर्णलता धस्माना, सुभाष सैनी, प्रकाश चन्द्र डोबरिया सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
संगोष्ठी के उपरान्त विद्यार्थियों, अध्यापकों, अभिभावकों एवं यूनियन पदाधिकारियों द्वारा विद्यालय परिसर में आंवला एवं जामुन के पौधों का रोपण किया गया तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया।
संगोष्ठी का सफल संचालन वरिष्ठ पत्रकार धन सिंह बिष्ट ने किया।

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