*शब्दवीणा की साहित्यिक भेंटवार्ता ‘एक शाम साहित्य के नाम’ के जुलाई 2026 अंक का हुआ आयोजन*

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*-रोहतक, हरियाणा के हिन्दी प्राध्यापक डॉ चंद्रदत्त शर्मा चंद्रकवि ने साहित्य और समाज के संबंधों पर की बातचीत*

*-जीवन जीने का सही तरीका बतलाता है साहित्य*

गया जी। राष्ट्रीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ‘शब्दवीणा’ की हरियाणा प्रदेश समिति एवंं फरीदाबाद जिला समिति के संयुक्त संयोजन में आयोजित मासिक साहित्यिक भेंटवार्ता “एक शाम साहित्य के नाम’ के जुलाई 2026 अंक में आमंत्रित साहित्यकार के रूप में रोहतक, हरियाणा में कार्यरत हिन्दी के प्राध्यापक एवं कवि डॉ. चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रहे। कार्यक्रम का संयोजन शब्दवीणा हरियाणा प्रदेश सचिव एवं फरीदाबाद जिला समिति की संरक्षक सरोज कुमार ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में डॉ चंद्रदत्त एवं वार्ताकार रिया अग्रवाल का हार्दिक अभिनंदन किया। ‘एक शाम साहित्य के नाम’ की संचालन प्रभारी कवयित्री रिया अग्रवाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से करते हुए डॉ चंद्रदत्त शर्मा का संक्षिप्त शैक्षणिक एवं साहित्यिक परिचय दिया।

डॉ चंद्रदत्त ने रिया अग्रवाल के साहित्य और समाज के संबंधों पर आधारित प्रश्नों का उत्तर देते हुए साहित्य को जीवन का पर्याय बतलाया। कहा कि साहित्य मनुष्य को जीवन जीने का सही तरीका बतलाता है। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में साहित्य की भूमिका निर्विकल्प है। डॉ. चंद्रदत्त ने हिन्दी एवं हरियाणवी भाषाओं में रचनाएँ पढ़ीं। उन्होंने “राजदेव, सुखदेव, भगतसिंह कलयुग के अवतार हुए” एवं “सौ-सौ करे पलान क्यों यारा, चार दिनों के डेरे में” कविताएँ सुना कर श्रोताओं की खूब वाहवाहियाँ पायीं। कार्यक्रम की समन्वयक एवं शब्दवीणा की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. डॉ. रश्मि प्रियदर्शनी ने बतलाया कि “एक शाम साहित्य के नाम” का सीधा प्रसारण फेसबुक पर शब्दवीणा केन्द्रीय पेज से किया गया। महावीर सिंह वीर, सुरेश विद्यार्थी, महेश चंद्र शर्मा राज, अजय अज्ञात, सरिता कुमार, प्रो सुनील कुमार उपाध्याय, प्यारचन्द कुमार मोहन, ललित शंकर, अनुराज कनाई, कृष्ण लाल, डॉ विजय शंकर, डॉ वीरेन्द्र कुमार, डॉ रवि प्रकाश, अजय कुमार, जैनेन्द्र कुमार मालवीय सहित देश के विभिन्न प्रदेशों से जुड़े साहित्य प्रेमियों ने इस साहित्यिक बातचीत एवं काव्यपाठ का लाभ उठाया।

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