तीन दिवसीय आत्म रक्षा प्रशिक्षण शिविर “मुक्का मार” में शानदार प्रतिभागिता द्वारा जीबीएम कॉलेज की छात्राओं ने रचा इतिहास

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*-साहस की प्रतिमूर्ति उषा विश्वकर्मा से महिलाओं को सीख लेने की है आवश्यकताः डॉ सीमा पटेल*

गया जी। गौतम बुद्ध महिला कॉलेज की सौ छात्राओं ने कॉलेज के सावित्री महाजन सभागार में आयोजित तीन दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर “मुक्का मार” में भाग लेकर एक इतिहास रच डाला है। कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल के संरक्षण में रोटरी क्लब अॉफ गया सिटी एवं रोटरी क्लब अॉफ बोधगया रेजेंसी के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में कॉलेज की एनएसएस वॉलेंटियरों, एनसीसी कैडेटों एवं विभिन्न विभागों की छात्राओं ने यौन अपराधियों एवं नकारात्मक मंशा से भरे हमलावरों के आक्रमण जैसी विपरीत परिस्थितियों में आत्मरक्षा के मुख्य तरीके और तकनीकें सीखीं।

प्रिंसिपल डॉ सीमा पटेल एवं कॉलेज के सेल्फ डिफेंस सेल की इन्चार्ज प्रीति शेखर की देखरेख में छात्राओं ने आपात स्थिति में खुद को बचाने के उपाय सीखे। प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल ने “मुक्का मार” की प्रमुख प्रशिक्षिका एवं रेड ब्रिगेड, लखनऊ की संस्थापक उषा विश्वकर्मा एवं उनकी पूरी टीम को अपने आप में प्रेरणास्रोत बतलाते हुए छात्राओं को उनके जीवट एवं साहस से सीख लेने की बात कही। उषा विश्वकर्मा ने रेड ब्रिगेड आर्मी की स्थापना 2011 में की थी। उनकी टीम में मुख्य रूप से 19 सदस्य हैं, जो यौन उत्पीड़न एवं यौन शोषण की शिकार हो रही महिलाओं को विपरीत परिस्थितियों में हमलावरों को करारा जवाब देने के लिए तैयार करती हैं, उन बदमाशों एवं अपराधियों से लड़ने-भिड़ने का हुनर सिखलाती हैं। ज्ञातव्य है कि उषा विश्वकर्मा ने भारत में अब तक तीन लाख महिलाओं को खतरे की स्थिति में महिलाओं को सेल्फ डिफेंस तकनीक सिखलाकर महिला सशक्तीकरण की एक अद्भुत मिशाल पेश की है। उन्हें उनकी विशिष्टता के लिए विभिन्न सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उषा विश्वकर्मा ने अपनी टीम के सदस्य विवेक, आनंद, अनुष्का, विनीता एवं अनामिका के साथ मिलकर सभी प्रतिभागी छात्राओं को आत्मरक्षा के विभिन्न पहलुओं के साथ-साथ मानसिक मजबूती, आत्मविश्वास, सजगता, तथा कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया गया।

कॉलेज की पीआरओ डॉ रश्मि प्रियदर्शनी ने बतलाया कि शिविर के दरम्यान छात्राओं को विभिन्न व्यायाम तथा आसन भी सिखलाए गए। उन्हें उनके शरीर की ताकत और संतुलन का सही उपयोग करना सिखलाया गया। छात्राओं ने उषा विश्वकर्मा के बेहतरीन निर्देशन में खतरे के समय में हमलावरों का सामना करने के लिए मुक्केबाजी की विभिन्न स्टाइलों एवं ऐक्शनों को सीखा। प्रशिक्षण शिविर द्वारा छात्राओं में सुरक्षा, निर्भयता एवं आत्मविश्वास की भावनाओं में वृद्धि हुई। डॉ रश्मि ने बतलाया कि मुक्का मार शिविर के समापन सत्र में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर मनोविज्ञान विभाग एवं आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रीति शेखर के निर्देशन में एक दिवसीय सिम्पोजियम का भी आयोजन हुआ, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य और आत्मरक्षा के बीच के संबंधों पर विशेष चर्चा आयोजित हुई। सिम्पोजियम का उद्देश्य छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें अपनी भावनाओं, अनुभवों और समस्याओं को समझने एवं आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करना था। सिम्पोजियम का मुख्य विषय “सेल्फ डिफेंस फॉर मेंटल वेल-बीइंग: रीयल इक्स्पीरियेंसेज हर्ड: रीयर वॉइसेज, रीयल चेंज था।

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