जीबीएम कॉलेज में एनएसएस के 57वें स्थापना दिवस पर सांस्कृतिक उत्सव ‘उमंग’ का हुआ आयोजन
*-हम भारतीयों को अपने भीतर सिविक सेंस का विकास करने की है आवश्यकता : मुख्य अतिथि सत्यप्रकाश नारायण*
गया जी। गौतम बुद्ध महिला कॉलेज के सावित्री महाजन सभागार में राष्ट्रीय सेवा योजना के 57वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर कॉलेज की एनएसएस इकाई के तत्वावधान में सांस्कृतिक उत्सव ‘उमंग’ का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल ने की। बतौर मुख्य अतिथि सत्यप्रकाश नारायण, वरीय कोषागार पदाधिकारी (ट्रेजरी ऑफिसर), गया की उपस्थिति रही। अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र तथा पौधा प्रदान करके किया गया। कार्यक्रम की समन्वयक एवं संयोजिका कॉलेज की एनएसएस प्रोग्राम अॉफिसर डॉ कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। सांस्कृतिक उत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित करके हुआ। समारोह का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना गीत “उठें समाज के लिए उठें, उठें” के सामूहिक गायन से हुआ।
सांस्कृतिक उत्सव ‘उमंग’ की शुरुआत स्वयंसेवक पायल कुमारी, दामिनी कुमारी एवं काजल कुमारी द्वारा प्रस्तुत झिझिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से हुई। काजल कुमारी ने बिहारी लोक नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। स्वयंसेवक शिवानी कुमारी, रानी कुमारी, काजल कुमारी, शिवानी सिंह, संचिता कुमारी, श्रुति कुमारी, दामिनी राज एवं पायल कुमारी ने सामूहिक लोक गीत “केलवा के पात पर उगलन सुरुज देवा” की प्रस्तुति को सभी की सराहना मिली। कार्यक्रम का संचालन काव्या शर्मा ने किया। कार्यक्रम में भाग ले रही स्वयंसेवकों का उत्साह एवं उमंग प्रशंसनीय रहा।
प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में एनएसएस के 57वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए देश के भविष्य के निर्माण में एनएसएस की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रधानाचार्या डॉ पटेल ने कहा कि आने वाले दिनों में कॉलेज की एनएसएस इकाई समाज के बीच जाकर कार्य करेगी। प्रधानाचार्या ने एनएसएस वॉलेंटियरों को स्वच्छता अभियान, पौधारोपण अभियान एवं पितृपक्ष मेले में गया जी आने वाले पिंडदानियों की सहायता के कार्यों में बढ़चढ़कर भाग लेने का संदेश दिया। उन्होंने हर दिन कुछ नया सीखने और करने की बात कही। वहीं मुख्य अतिथि सत्यप्रकाश नारायण ने कॉलेज परिसर को अन्य कॉलेजों की अपेक्षा अधिक साफ-सुथरा एवं जीवंत बताया। उन्होंने वॉलेंटियरों, छात्राओं एवं सभी भारतीयों को स्वयं के भीतर सिविक सेंस अर्थात् नागरिक कर्तव्य की समझ का नियमित रूप से मूल्यांकन तथा संवर्द्धन करने की आवश्यकता पर बल दिया।
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी एवं कॉलेज की पीआरओ डॉ रश्मि प्रियदर्शनी ने बताया कि कॉलेज से कुल 11 एनएसएस वॉलेंटियर छात्राएँ 24 सितंबर 2026 को मगध विश्वविद्यालय में आयोजित होने जा रहे एनएसएस स्थापना दिवस समारोह में नृत्य एवं गायन की विभिन्न विधाओं में भाग लेने जा रही हैं। समारोह में बर्सर डॉ सहदेब बाउरी, डॉ शगुफ्ता अंसारी, डॉ प्रियंका कुमारी, डॉ फरहीन वज़ीरी, डॉ विजेता लाल, डॉ फातिमा, डॉ नुद्रतुन निसां, डॉ दीपिका, डॉ सपना पांडे, डॉ किरण कुमारी, रौशन कुमार, अभिषेक कुमार, अजीत कुमार, राजेश कुमार, रंजीत कुमार एनएसएस वॉलेंटियर अनोखी सिंह, वैष्णवी, सौम्या वर्णवाल, प्रिया सिंह, गीतांजलि, अनीषा, आराध्या सहित अनेक छात्राओं की उपस्थिति रही।
