*शब्दवीणा ने मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती पर “समकालीन समाज और मुंशी प्रेमचंद के यथार्थवाद की प्रासंगिकता” विषय पर विचार गोष्ठी का किया आयोजन*
*-समकालीन समाज में प्रेमचंद का यथार्थवादी साहित्य पूर्णतः प्रासंगिक : सुरेश विद्यार्थी* गया जी। राष्ट्रीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था 'शब्दवीणा'...
