कांग्रेस के सारे मुद्दे झूठ की बुनियाद पर खड़ेःसीएम धामी
देहरादून। गुरुवार को कांग्रेस ने दिल्ली में अदाणी को दिए गए उत्तराखंड कोल पावर प्लांट का उठाया था। कांग्रेस के तमाम आरोपों का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने स्टाइल में जवाब दिया।
शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष की तरफ से उठाए गए तमाम सवालों का जबाव दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के आरोपों पर कहा कि उनके पास कोई मुद्दा नहीं है और जो भी मुद्दे कांग्रेस उठा रही है, वो भी झूठ की बुनियाद पर खड़े हैं और झूठ की तरह धड़ाम भी हो जाते हैं।
कांग्रेस का दलित नैरेटिव भी हुआ फेलरू वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि हल्द्वानी में भी कांग्रेस ने दलित नैरेटिव बनाने का काम किया था, लेकिन कांग्रेस का वो नैरेटिव भी काम नहीं कर पाया। इससे पता चलता है कि कांग्रेस वोटों के लिए किस निम्न स्तर की राजनीति कर रही है।
वहीं बीते दिनों ही कांग्रेस ने देहरादून में प्रेस वार्ता कर यूआईआईडीबी को लेकर भी सवाल उठाए थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि यूआईडीबी के जरिए सरकार ने करीब सात हजार बीघा सरकारी जमीन औने पौने दामों पर बेच दी।
इस पर सीएम धामी जवाब देते हुए कहा कि यूआईआईडीबी का उद्देश्य प्रदेश में रोजगार, निवेश लाना, पर्यटन बढ़ाना और नई नई संभावनाओं को तलाशना है। भारत सरकार और नीति आयोग का एक प्रोसीजर है, जिसको आगे बढ़ाया गया है। वहीं कांग्रेस सात बीघा जमीन की बात कर रही है, लेकिन अभी तक 45 एकड़ जमीन भी यूआईआईडीबी को नहीं मिली है। इसमें भी कांग्रेस के झूठ का उजागर हुआ है।
वहीं, कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में अदानी को मिले उत्तराखंड कोल पवार प्लाट को लेकर कई सवाल खड़े किए थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ में अदानी को उत्तराखंड का कोल पवार प्लाट देने के लिए धामी सरकार ने टेंडर में कई बदलाव किए थे। इस पर भी सीएम धामी का जवाब आया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय में साल 2014-15 में दो कंपनियों के साथ जो ऊर्जा का करार हुआ था, उसको आज उत्तराखंड भुगत रहा है। क्योंकि उत्तराखंड को 31 और 32 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदनी पड़ रही है। जबकि अभी जो सौदा हुआ है, वो यहां कि दीर्घकालिक आवश्यकताओं को देखते हुए किया गया है। ताकि सबसे सस्ती बिजली उत्तराखंड को मिलेगी। यह सब भी एक एक प्रक्रिया के तहत हुआ है, जिसमें कोई गड़बड़ी नहीं है। छत्तीसगढ़ में उत्तराखंड का कोल पावर प्लांट राज्य के लिहाज से दूरगामी हितों के लिए लिया गया है। सीएम ने बताया कि पीक समय में जो बिजली प्रतियूनिट करीब 14 रुपए खरीदनी पड़ती है, उससे उत्तराखंड को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दे नहीं हैं और वो बौखलाए हुए हैं। कांग्रेस को उत्तराखंड में पैर रखने के लिए कोई जगह नहीं मिल रही है। इसीलिए वो प्रेस कॉन्फ्रेस भी दिल्ली में करते हैं। साथ ही बिजली की अधिकता होने पर उसकी बेचा भी जा सकता है। उत्तराखंड कोल पावर प्लांट पर दिल्ली में हुई कांग्रेस की प्रेस वार्ता पर सीएम धामी ने तंज भी कसा है।
