नंदाष्टमी पर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़, नैनीताल में मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं की गयी प्राण प्रतिष्ठा

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नैनीताल। शनिवार से कुमाऊं मंडल में नंदा महोत्सव की धूम शूरू हो गयी है।। अल्मोड़ा के नंदा देवी मंदिर में नंदाष्टमी के अवसर पर शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। वहीं नैनीताल के मां नयना देवी मंदिर में मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं की विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई।
कुमाऊं की कुलदेवी मां नंदा-सुनंदा अब अपने मायके यानी कुमाऊं की धरती पर विराजमान हो गई हैं। नैनीताल के मां नयना देवी मंदिर में मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं की विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई। प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही मंदिर में भक्तों की आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के तीन बजे से ही श्रद्धालु मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने लगे। भक्तों ने मां से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। उधर अल्मोड़ा की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े ऐतिहासिक नंदा देवी मंदिर में नंदाष्टमी के अवसर पर शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मां नंदा-सुनंदा के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में पूरे दिन श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। अल्मोड़ा के नंदा देवी मेले का इतिहास करीब चार सौ वर्ष पुराना माना जाता है। मान्यता के अनुसार, चंद राजाओं के शासनकाल में मां नंदा देवी की मूर्ति नगर के मल्ला महल में स्थापित थी। बाद में अंग्रेजी शासन के दौरान तत्कालीन कुमाऊं कमिश्नर ट्रेल ने वहां से मूर्तियों को हटाकर चंद राजाओं के बनाए उद्योत चंद्रेश्वर शिव मंदिर में नंदा देवी की मूर्ति स्थापित की। इसके बाद से इसे नंदा देवी मंदिर के नाम से जाना जाने लगा। मेले की धार्मिक परंपराओं के तहत षष्ठी के दिन मां नंदा-सुनंदा की मूर्ति निर्माण के लिए कदली वृक्षों यानी केले के पेड़ों को आमंत्रित किया जाता है। सप्तमी को कदली खामों को मंदिर परिसर में लाकर विधिवत पूजा की जाती है। वहीं नैनीताल में इस धार्मिक आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण 23 सितंबर को होने वाला मां नंदा-सुनंदा का भव्य डोला होगा। मां की प्रतिमाओं को नगर भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। नगर भ्रमण के बाद मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं का नैनी झील में विसर्जन किया जाएगा. कुमाऊं की लोक मान्यता में यह मां को उनके मायके से ससुराल विदा करने का भावुक क्षण माना जाता है।
मां के आगमन से लेकर विदाई तक नैनीताल में आस्था, भक्ति और लोक परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलता है। मां नंदा-सुनंदा के जयकारों के बीच पूरा नैनीताल भक्तिमय है। श्रद्धालु मां के दर्शन कर अपने परिवार के लिए सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मांग रहे हैं।

फोटो डी 1
रेस्टोरेंट में घुसकर युवक पर लाठी-डंडो से हमला,पुलिस कर रही मामले की जांच
मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में किंग्रेग स्थित एक रेस्टोरेंट में घुसकर कुछ लोगों ने युवक और उसके साथियों पर लाठी-डंडों से हमला करने का मामला सामने आया है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग लाठी-डंडों से हमला करते दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
शिकायतकर्ता मनीष ने कोतवाली मसूरी में तहरीर देकर आरोप लगाया कि कुछ युवक रेस्टोरेंट में पहुंचे और आते ही वहां बैठे उसके और उसके साथियों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि हमलावरों में कुछ युवकों ने चेहरे पर नकाब पहना हुआ था। अचानक हुए हमले से रेस्टोरेंट में अफरा-तफरी मच गई। हमले में मनीष और उसके साथियों के चोटिल होने की बात कही गई है। घटना के बाद रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सामने आई, जिसमें कुछ युवक हाथों में लाठी-डंडे लेकर रेस्टोरेंट में घुसते और वहां मौजूद युवकों के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। बीते दिन फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर उसमें दिखाई दे रहे युवकों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बच्चे की मौत का सदमा नही झेल पाई मां,नदी में कूदकर की जीवनलीला समाप्त
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर मड़े गांव एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। यहां गांव निवासी कक्षा 9 पढ़ने वाले 14 वर्षीय बच्चे की सुबह दौड़ते समय मौत हो गई। इकलौते पुत्र की मौत के सदमे में मां ने सरयू नदी में कूद मार कर जान दे दी। दिल को झकझोर देने वाली इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
मिली जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से लगभग 15 किमी दूर मड़ेगांव निवासी जतिन जोशी (14) पुत्र कैलाश चंद्र जोशी प्रतिदिन की तरह झौलखेत मैदान में दौड़ते हुए घर को लौट रहा था,वो रास्ते में अचानक गिर कर बेहोश हो गया। उसी समय पीछे से अन्य बच्चे भी दौड़ कर आ रहे थे।उन्होंने जतिन को गिरा देखा तो इसकी सूचना उसकी मां पूनम जोशी को घर जाकर दी। मौके पर पहंुची जतित की मां पूनम जोशी टैक्सी वाहन से उसे जिला अस्पताल लेकर आई। जहां डाक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। उसके बाद मां अपने बेटे की मौत का सदमा सहन नहीं पाई। अपनी सुधबुध खोने के बाद वह अस्पताल से कपड़े से मुंह ढककर देवसिंह स्थित पार्किंग से गंगोलीहाट जाने वाले टैक्सी वाहन में बैठी।टैक्सी से वह 30 किमी दूर घाट पहुंची। जहां पर घाट पुल से 100 मीटर आगे टैक्सी चालक से कुछ सामान लेने की बात कही। वह अचानक टैक्सी से उतरी और सीधे सरयू नदी में छलांग

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