प्रजापति कुंभकार समाज को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए सरकार को ठोस नीति बनानी चाहिए: डा.सुरेंद्र मनीनवाल
कुंभकार समाज को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करना बंद किया जाए

हरिद्वार। अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार महासंघ ने समाज को विकास की मुख्यधारा से जोडने की मांग की है यह भी तथा कहा कि कुंभकार समाज को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करना बंद किया जाए
अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार महासंघ के नवनियुक्त अध्यक्ष डा.सुरेंद्र मनीनवाल ने आज प्रेस क्लब में पत्रकार से वार्ता करते हुए कहा कि प्रजापति कुंभकार समाज को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए सरकार को ठोस नीति बनानी चाहिए। शिल्प कला में दक्ष शिल्पकार को सोलर भट्टी योजना से जोड़ा जाए। माटी कला से जुड़े लोगों की समस्या के प्रत्येक पहलू को समझकर शिल्पकारों को आधुनिकता से जोड़ने के प्रयास किए जाएं। जिससे कुंभकार समाज अपने रोजगार को बेहतर तरीके से संचालित कर सके। कंुभकारों को बिजली के चाक उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने मांग की है कि माटी कला बोर्ड को आयोग का दर्जा दिया जाए। माटी कला से जुड़ा कुंभकार समाज अति पिछड़ा वर्ग है। जिसके उत्थान के लिए सरकार को गंभीरता कदम उठाने चाहिए।
डा.सुरेंद्र मनीनवाल ने कहा कि कुंभकार समाज को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करना बंद किया जाए, उसे राजनीतिक हिस्सेदारी दी जाए। विधानसभा, लोकसभा, राज्यसभा, जिला पंचायत, नगर निकायों में हिस्सेदारी सुनिश्चित कर समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया जाए। उन्होंने जातिगत जनगणना पर जोर देते कहा कि जनगणना फार्म में जाति दर्शाने वाला कॉलम होना चाहिए। अन्य कॉलम पर समझ से बाहर है। उन्होंने समाज से अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष करने की अपील भी की। प्रेस वार्ता में शिवकुमार, बालूराम, अतर सिंह, विनोद प्रजापति, राजाराम प्रजापति, राजेंद्र कश्यप के अलावा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष बालेश्वर सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोमपाल त्यागी एवं मनोज सैनी आदि मौजूद रहे।
