लौटने लग गए हैं प्रवासी, आने लगी है गाँव सोन्नी में फिर से रौनक

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खुश हो रहे हैं सभी ग्रामवासी।।

उत्तराखंड राज्य का मूल उद्देश्य पहाड़ को व्यवस्थित रूप से बसाना था। लेकिन आश्चर्य कि राजनैतिक कारणों से ऐसा हो न सका। फिर भी गांव गांव तक सड़कें और कुछ सुविधाएं पहुंचाने का कार्य तो हुआ है। हमारे गांव सोन्नी में भी सड़क पहुंची। ग्राम वंशावली मेरी सोन्नी मेरी पहिचान का प्रकाशन हुआ। ग्रुप बने और लोग जुड़े और जुड़ते गए। इधर लोग जुड़ते गए उधर गांव के प्रति श्रद्धा, आस्था, लगाव और जन्मभूमि का आकर्षण बढ़ता गया।
ग्राम के कुलदेवता घंडियाल देव मंदिर के पुनरुद्धार निर्माण के लिए मंदिर निर्माण समिति बनी और उसने तत्परता एवं बहुत जिम्मेदारी से इस गुरूत्तर कार्य को पूर्ण किया। समग्र सोन्नी ग्राम के ठीक मध्य में स्थित घंडियाल देव के मंदिर को भव्य स्वरूप दिया गया। तदनंतर भागवद् कथा आयोजन लंबी और खर्चीली योजना को भी मूर्त रूप दिया गया। कोरोना काल में अनेक बाधाओं के बाद भी मई 2022 में दिव्य और भव्य रूप से 7 दिन के भागवद् कथा का आयोजन विधि पूर्वक संपन्न किया गया। जिसमें राज्य की अनेक महान विभूतियों ने मेहमान के रूप में भागीदारी की।
वर्तमान में गांव में कई परिवारों के मकान निर्माणाधीन हैं। और कई परिवारों की योजना गतिमान है। स्थानीय बाजार सिलका खाल से और गांव के मध्य में माल्ली सोन्नी आंगण के मधु प्रकाश जोशी द्वारा अपने माता-पिता की याद में भव्य और विशाल प्रवेश द्वार का निर्माण किया गया है जो गांव की शोभा में चार चांद लगाता है। प्राथमिक विद्यालय नाग्राजा के समीप से जो मार्ग गांव से होते हुए घंडियाल देव के दर्शन के लिए जाता है उसकी तलहटी भाग में श्री दौलतराम जोशी बिचली सोन्नी ठाडागला द्वारा अपने पितरों की याद में अति आकर्षक प्रवेशद्वार बनाया गया है जो गांव की शोभा को और बढ़ा देते हैं और आने जाने वालों का मनमोह लेते हैं। द्वारों का उद्घाटन भी विधि विधान से किया गया है।
इसके साथ ही गांव में विकास की निरंतर योजनाएं चल रही हैं और बिनसर देवता की जात के बाद घंडियाल देव की पांच दिवसीय जात जनवरी 2026 में विधि विधान से संपन्न हो चुकी है। वर्तमान में 15 एवं 16 जून को देव पूजन और ग्राम की सुरक्षा तथा कष्ट निवारणार्थ परंपरागत रोट काटने एवं ट्रस्ट के प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय श्री जगदीश प्रसाद जोशी स्मृति सम्मान समारोह का कार्यक्रम संपन्न होने जा रहा है। परमपिता परमेश्वर घंडियाल देव, नाग्रजा, विंनसर ,नर्सिंग देव सभी कुल देवी देवताओं से सदा यही प्रार्थना है कि गांव पर अपनी असीम अनुकंपा पूर्ववत् बनाए रखें।
डॉ० हरिनारायण जोशी अंजान

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