“फ्रॉम क्यूरियोसिटी टू रिसर्च” विषय पर एक दिवसीय विशेष व्याख्यान का हुआ आयोजन
-जिज्ञासा नए शोध और वैज्ञानिक खोज की मूल आधारशिला है: प्रो. मुकेश कुमार*
गया जी। गौतम बुद्ध महिला कॉलेज में कॉलेज की आईक्यूएसी सेल द्वारा “फ्रॉम क्यूरियोसिटी टू रिसर्च: बेसिक रिसर्च स्किल्स फॉर अंडरग्रैजुएट स्टूडेंट्स” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल के संरक्षण में तथा आयोजन सचिव एवं आईक्यूएसी समन्वयक इतिहास विभाग की सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ कृति सिंह आनंद एवं आईक्यूएसी की टीम के संयोजन में हुआ। विशेष व्याख्यान का शुभारंभ मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. मुकेश कुमार, आईक्यूएसी समन्वयक-सह-अध्यक्ष, स्नातकोत्तर इतिहास विभाग, मगध विश्वविद्यालय, बोधगया, कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल, बर्सर एवं अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो डॉ सहदेब बाउरी, अंग्रेजी विभाग की सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर एवं अध्यक्ष डॉ कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी, कार्यक्रम का संचालन कर रहीं डॉ कृति सिंह आनंद एवं उपस्थित प्रोफेसरों ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम एवं महाविद्यालय कुलगीत की प्रस्तुति के उपरांत प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल ने प्रो मुकेश कुमार का स्वागत शॉल, पौधा एवं महाविद्यालय के शोध तथा सृजनात्मक जर्नल गरिमा – 2026 प्रदान करके किया।

डॉ कृति सिंह आनंद ने शोध तथा अनुसंधान पर आधारित व्याख्यान की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम को सेमेस्टर – 7 की छात्राओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण बतलाया, जिनके पाठ्यक्रम में शोध पर आधारित एक पूरा पेपर शामिल है। अंग्रेजी विभाग की सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ पूजा ने प्रो कुमार की शैक्षणिक उपलब्धियाँ साझा कीं। अपने व्याख्यान में प्रो. मुकेश कुमार ने छात्राओं को “जिज्ञासा और शोध” के अंर्तसंबंधों को समझाते हुए शोध कार्य के लिए जिज्ञासा के होने को अति आवश्यक ठहराया। उन्होंने शोध तथा अनुसंधान के अंतर्विषयक एवं बहुविषयक दृष्टिकोणों, प्रमाण-आधारित शोध प्रक्रियाओं, “क्यों, कैसे, कहाँ, कब, कौन” शब्दों के महत्व, आलोचना, समालोचना, जाँच-पड़ताल, आँकड़ों के एकत्रीकरण जैसे विभिन्न पहलुओं को सामान्य उदाहरणों द्वारा बड़ी ही स्पष्टता के साथ समझाया। प्रो मुकेश ने शोध को किसी विषय के बारे में गहन, क्रमबद्ध और वैज्ञानिक खोज करने की प्रक्रिया के रूप में बतलाया। शोध का उद्देश्य पुराने सिद्धांतों की पुनः जाँच करके नया ज्ञान प्राप्त करना बतलाया। जिज्ञासा को नए शोध और वैज्ञानिक खोज की मूल आधारशिला कहा।
अध्यक्षीय संंबोधन में प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल ने शोध का उद्देश्य नए तथ्यों को उजागर करना, पुरानी मान्यताओं की सत्यता की जाँच-पड़ताल करके समस्याओं का समाधान निकालना बतलाया। उन्होंने छात्राओं को शोध निबंध या प्रतिवेदन लिखते समय विशेष व्याख्यान में बतलाए गये महत्वपूर्ण बिंदुओं का ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ रश्मि प्रियदर्शनी ने किया। उन्होंने जिज्ञासा को शोध तथा अधिगम की जननी बतलाया। शोध एवं अनुसंधान के विभिन्न पहलुओं पर सविस्तार प्रकाश डालकर छात्राओं का मार्गदर्शन करने के लिए डॉ रश्मि ने प्रो मुकेश कुमार के प्रति महाविद्यालय परिवार की ओर से हार्दिक आभार प्रकट किया। सभी छात्राओं ने शांति तथा ध्यानपूर्वक व्याख्यान को सुना एवं समझा। कार्यक्रम में डॉ जया चौधरी, डॉ अमृता कुमारी घोष, डॉ प्रियंका कुमारी, डॉ नगमा शादाब, डॉ अनामिका कुमारी, डॉ फरहीन वज़ीरी, डॉ रुखसाना परवीन, डॉ बनीता कुमारी, डॉ शुचि सिन्हा, डॉ अफ्शां नाहिद, डॉ वीणा कुमारी जायसवाल, डॉ शबाना परवीन हुसैन, डॉ फातिमा, डॉ नुद्रतुन निसां, डॉ दीपिका, डॉ सपना पांडे, डॉ प्रियंका पांडेय, डॉ अमृता कुमारी, डॉ किरण कुमारी, डॉ सीमा कुमारी, रौशन कुमार, अभिषेक कुमार, अजीत कुमार, श्रेया, गीतांजलि, प्रियांशु, अनीषा, श्रुति, मानसी समेत विभिन्न विभागों के सेमेस्टर – 7 की छात्राओं की उपस्थिति रही।
