राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण : हरिद्वारऔर लक्सर तहसील के 23 प्रभावित गांवों में भूमि से जुड़े विभिन्न लेन-देन पर अस्थायी रोक लगी

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हरिद्वार। पूरे प्रदेश में राजमार्गो का चौडीकरण किया जा रहा है, 2027 में हरिद्वार में कुम्भ का आयोजन भी होना है. राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-334ए (पुरकाजी-लक्सर-हरिद्वार) के चौड़ीकरण एवं निर्माण कार्य को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने हरिद्वार और लक्सर तहसील के 23 प्रभावित गांवों में भूमि से जुड़े विभिन्न लेन-देन पर अस्थायी रोक लगा दी है। अब इन गांवों में कृषि भूमि का गैर-कृषि उपयोग में परिवर्तन, भूमि की खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री, बैनामा तथा भूमि की प्रकृति में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में यह निर्णय राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 3ए के अंतर्गत प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से लिया गया है।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार हरिद्वार तहसील के 18 गांव जिनमें शामिल हैं – ग्राम टिक्कमपुर, मोहम्मदपुर कुन्हारी, जसोधरपुर, बादशाहपुर शेरपुर भट्टीपुर, बाणगंगा नंबर-2, धमोली उर्फ खेरवाला, शाहपुर शीतलाखेड़ा, भवानीपुर जमालपुर, मुस्तफाबाद, पदार्थ उर्फ धनपुरा, फेरुपुर रामखेड़ा, कटारपुर अलीपुर, किशनपुर, जियापोता, नूरपुर पंजनहेड़ी, जमालपुर कला, मिस्सरपुर मुस्तहकम तथा जगजीतपुर इस प्रतिबंध के दायरे में आए हैं।
इसी क्रम में लक्सर तहसील के पांच गांव फिदाईपुर, सुल्तानपुर आदमपुर, पुंडरीपुर उर्फ पीपली, बुड़्डाखेड़ा मीमला तथा अकबरपुर ऊदकृमें भी भूमि संबंधी सभी प्रमुख लेन-देन पर रोक प्रभावी रहेगी।
इस मामले में प्रशासन का कहना है कि यह प्रतिबंध भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी एवं विवादरहित बनाए रखने के उद्देश्य से लगाया गया है, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग-334ए के चौड़ीकरण कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। संबंधित गांवों के भूमि स्वामियों से प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

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