धूमधाम से मनाया गया स्वामी तुरीयानंद जी का अवतरण दिवस

हरिद्वार। भोपतवाला स्थित स्वामी तुरीयानन्द सत्संग सेवा आश्रम में ब्रहमलीन श्री-श्री 1008 स्वामी तुरीयानन्द जी महाराज के 151वें अवतरण दिवस पर बृहद संत सम्मेलन उपरांत भण्डारे का आयोजन किया गया। हजारों श्रद्वालु भक्तों की उपस्थिति में आयोजित समारोह में तीर्थनगरी के कई वरिष्ठ महामण्डलेश्वर,महंत संतगण शामिल हुये। गदद्ीनशीन 1008स्वामी विवेकानन्द गिरि जी महाराज के संरक्षण में सम्पन्न समारोह में गुरू-शिष्य का बंधन के बारे में श्रद्वालुओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी विवेकानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि अगर एक बार आपका हाथ गुरूदेव द्वारा थाम लिया तो आपकों गुरू के द्वारा सच्चे मार्गो पर ले जाते हुए जीवन को सफल कराते हुए गंतव्य तक ले जाकर ही छोड़ेगे। उन्होने इस बारे ंमें एक प्रसंग भी श्रद्वालु भक्तों को श्रवण कराया। समारोह की अध्यक्षता कर रहे आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी विश्वात्मा पुरी जी महाराज ने गुरू की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि संसार को सच्चाई के पथ पर चलते हुए परमात्मा की शरण तक ले जाने का राह गुरू ही दिखाता है।निर्मल अखाड़ा पीठाधीश्वर श्रीमहंत ज्ञानदेव जी महाराज ने कहा कि गुरू की महिमा सबसे उपर है। उन्होने स्वामी तुरीयानंद महाराज के द्वारा सनातन धर्म के लिए किये गये कार्यो का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रेष्ठ संतो में एक बताया।समारोह में गीता विज्ञान आश्रम पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर स्वामी विज्ञानानन्द जी महाराज ने सनातन धर्म में गुरू को सर्वोच्च राह दिखाने वाला बताते हुए कहा कि गुरू ने हमेशा अपने शिष्यों के कल्याण के लिए चिंतन किया है। समारोह में गुरूमण्डल पीठाधीश्वर स्वामी भगवत स्वरूप जी महराज,स्वामी जनकपुरी जी महाराज,स्वामी शिवानंद जी महाराज,स्वामी प्रेमानंद जी महाराज,स्वामी ज्ञानानन्द जी महाराज,स्वामी अनन्तानंद जी महाराज,स्वामी चैतन्यपुरी जी महाराज,स्वामी धर्मानन्द जी महाराज,डाॅ.स्वामी हरिहर महाराज,स्वामी रविदेव शास्त्री,स्वामी अभिषेक चैतन्यपुरी जी महाराज,स्वामी प्रज्ञान चैतन्य जी महाराज,स्वामी गोविन्द दास,स्वामी रघुवंश पुरी जी महाराज,स्वामी शिवानंद,स्वामी बाल सूरज दास,स्वामी दिव्यांश वेदान्ती के आवा ट्रस्ट के पदाधिकारीगण भी मौजूद रहे।
