सतत भवन निर्माण सामग्रियों, प्रौद्योगिकी तथा उद्योग-प्रेरित अनुसंधान को बढ़ावा देने हेतु समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर

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सीएसआईआर-केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान, रुड़की और श्री सीमेंट लिमिटेड, गुरुग्राम के बीच सतत भवन निर्माण सामग्रियों, प्रौद्योगिकी तथा उद्योग-प्रेरित अनुसंधान को बढ़ावा देने हेतु समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर।

आज दिनांक 25 जून, 2026 को इंडिया हैबिटेट सेंटर, लोधी रोड, नई दिल्ली स्थित सीबीआरआई दिल्ली केंद्र में सीएसआईआर-केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीबीआरआई), रुड़की और श्री सीमेंट लिमिटेड, गुरुग्राम के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसका उद्देश्य सीमेंट, निर्माण एवं भवन सामग्री क्षेत्र में सहयोगात्मक अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, ज्ञान आदान-प्रदान तथा क्षमता निर्माण के लिए एक रणनीतिक रूपरेखा स्थापित करना है।
एमओयू पर प्रो. आर. प्रदीप कुमार, निदेशक, सीएसआईआर-सीबीआरआई, रुड़की और डॉ. गौतम चटर्जी, वाइस प्रेसिडेंट, श्री सीमेंट लिमिटेड द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर प्रो. एस. के. सिंह, साइंटिस्ट-जी, डॉ. एस. के. पाणिग्रही, प्रमुख-टेक्नोलॉजी बिज़नेस डेवलपमेंट ग्रुप, डॉ. गोविंद गौरव और शिवम सोलंकी (सीएसआईआर-सीबीआरआई), डॉ. शैलेश अग्रवाल, पूर्व ईडी, बीएमटीपीसी एवं आईआईटी रुड़की में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस, तथा ईर. सुमत गुप्ता, ज़ोनल हेड-सेल्स एंड मार्केटिंग और मोहन झा, एसटीई हेड, श्री सीमेंट लिमिटेड उपस्थित थे।
समझौते के तहत, दोनों संगठन फ्लाई ऐश, जीजीबीएफएस, स्टील स्लैग और कॉपर स्लैग जैसे औद्योगिक उप-उत्पादों के सीमेंट कंपोज़िट्स में उपयोग, परिपत्र अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों पर आधारित सतत सीमेंटयुक्त सामग्रियों के विकास, तथा निर्माण सामग्रियों में नैनोप्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग पर सहयोगात्मक अनुसंधान करेंगे।
यह साझेदारी नवोन्मेषी निर्माण सामग्रियों और प्रौद्योगिकियों के विकास तथा व्यावसायीकरण, गुणवत्ता नियंत्रण प्रोटोकॉल के निर्माण, और सीमेंट तथा कंक्रीट में उपयोग होने वाले औद्योगिक उप-उत्पादों के लिए परीक्षण विधियों के मानकीकरण पर भी केंद्रित होगी।
इसके अतिरिक्त, सीएसआईआर-सीबीआरआई और श्री सीमेंट लिमिटेड तकनीकी बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, सम्मेलनों और संगोष्ठियों के माध्यम से ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देंगे। यह सहयोग आगे चलकर पारस्परिक रुचि के क्षेत्रों में संयुक्त शैक्षणिक गतिविधियों तथा शोध छात्रों के लिए फेलोशिप के अवसरों का भी समर्थन करेगा।
इस अवसर पर बोलते हुए, दोनों संगठनों के प्रतिनिधियों ने निर्माण क्षेत्र में उभरती चुनौतियों का समाधान करने तथा नवोन्मेषी, टिकाऊ और लागत-प्रभावी निर्माण सामग्री एवं प्रौद्योगिकियों के विकास में तेजी लाने के लिए उद्योग-अनुसंधान सहयोग को सुदृढ़ करने के महत्व पर जोर दिया। इस साझेदारी से अनुसंधान परिणामों को व्यावहारिक अनुप्रयोगों में परिवर्तित करने में सुविधा मिलने की अपेक्षा है, जिससे भारतीय निर्माण और अवसंरचना पारितंत्र की प्रगति में योगदान होगा।

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