रुड़की की साक्षी जैन ने रचा इतिहास, सीनियर एनालिस्ट (लीगल) परीक्षा में हासिल किया ऑल इंडिया प्रथम रैंक
अनारक्षित वर्ग की एकमात्र सीट पर किया कब्जा, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ओडिशा से चतुर्थ रैंक के साथ की थी विधि की पढ़ाई।

रुड़की। रुड़की के लिए गौरव और हर्ष का विषय है कि नगर निवासी अभिषेक राय की धर्मपत्नी साक्षी जैन ने नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट द्वारा आयोजित सीनियर एनालिस्ट (लीगल) पद की चयन परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस पद के लिए कुल दो रिक्तियां निर्धारित थीं, जिनमें एक सीट अनारक्षित तथा एक सीट अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए थी। साक्षी जैन ने अनारक्षित वर्ग की एकमात्र सीट पर चयन प्राप्त किया।
साक्षी जैन सुतेज जैन एवं श्रीमती अमिता जैन की सुपुत्री हैं। उनका जन्म एवं प्रारंभिक शिक्षा भोपाल में हुई। उन्होंने वर्ष 2019 में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ओडिशा से विधि स्नातक की उपाधि प्राप्त की और अपनी बैच में चतुर्थ रैंक हासिल की। इसके बाद वर्ष 2021 से वह दिल्ली में विधि व्यवसाय (प्रैक्टिस) कर रही हैं।
विवाह के बाद बनीं रुड़की की पुत्रवधू
जनवरी 2025 में साक्षी जैन का विवाह रुड़की निवासी अभिषेक राय के साथ हुआ। विवाह के पश्चात रुड़की से जुड़ी साक्षी की इस उपलब्धि ने स्थानीय परिवार, शिक्षाविदों एवं शुभचिंतकों में विशेष उत्साह पैदा किया है।
साक्षी की सास श्रीमती किरण राय हरजोली झोझा, उत्तराखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय में अध्यापिका हैं, जबकि उनके ससुर श्री अवधेश कुमार राय ‘राय डिजिटल स्टूडियो’ का संचालन करते हैं। साक्षी के पति अभिषेक राय देवास, मध्यप्रदेश स्थित सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की इकाई बैंक नोट प्रेस, देवास में कार्यरत हैं।
मेहनत और प्रतिभा का परिणाम
अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना साक्षी जैन की विधि क्षेत्र में प्रतिभा, परिश्रम और निरंतर अध्ययन का परिचायक है। विशेष रूप से एकमात्र अनारक्षित पद पर देशभर के अभ्यर्थियों के बीच ऑल इंडिया प्रथम रैंक हासिल करना उनकी उपलब्धि को और महत्वपूर्ण बनाता है।
साक्षी जैन की इस उपलब्धि की जानकारी मिलते ही परिवार और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों ने इसे परिवार के साथ-साथ रुड़की के लिए भी गौरव का क्षण बताते हुए साक्षी को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
