माटी कला बोर्ड में प्रजापति समाज के लोगों को लेने की माँग, कुम्हार समाज ने की बैठक आयोजित
हरिद्वार. कुम्हार धर्मशाला ज्वालापुर में प्रजापति समाज की बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता पुर्व राज्य मंत्री माटी कला बोर्ड उत्तराखंड मेला राम प्रजापति ने की और बैठक का संचालन राजेश वर्मा ने किया.
बैठक को सम्बोधित करते हुए मेला राम प्रजापति ने कहा कि उत्तराखंड सरकार कुम्हार प्रजापति समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने एवं उपाध्यक्ष सदस्य पद की नियुक्ति पर पुनर्विचार करें और कहा कि जो भारतीय जनता पार्टी और वर्तमान उत्तराखंड सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर चलते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अरूण प्रजापति ने कहा कि मिट्टी के शिल्प, पारंपरिक बर्तन निर्माण और ईंट-भट्ठा व्यवसाय से जुड़े अत्यंत गरीब एवं अति पिछड़े कुम्हार/प्रजापति समुदाय के आर्थिक व सामाजिक विकास के लिए सरकार द्वारा ‘माटी कला बोर्ड’ का गठन किया गया था तब माटी कला बोर्ड का मूल उद्देश्य पारंपरिक माटी शिल्पकारों का कल्याण को ध्यान में रखकर बनाया गया था और तय हुआ था कि माटी कला बोर्ड के पदों पर प्रजापति समाज के व्यक्तियों को नियुक्त किया जाएगा
वैसे भी अन्य भाजपा शासित राज्यों में भी यही स्वस्थ परंपरा रही है कि माटी कला बोर्ड में केवल कुम्हार/प्रजापति समाज के व्यक्तियों को ही प्रतिनिधित्व और भागीदारी दी गई थी
परंतु, अत्यंत दुःख और खेद के साथ ध्यान आकर्षित करना पड़ रहा है कि शासन के हालिया अनुसार एक पत्र द्वारा सुश्री अनुराधा वालिया जी को माटी कला बोर्ड का उपाध्यक्ष एवं हरिजीत सिंह,श्यामल कुमार रवि कुमार को सदस्य नामित किया गया है। कुम्हार/प्रजापति समाज इस नियुक्ति से संपूर्ण उत्तराखंड एवं देश समस्त कुम्हार /प्रजापति में भारी रोष और असंतोष व्याप्त है।
बैठक में उत्तराखंड सरकार को कुम्हार/प्रजापति समाज की ओर से आपसे विनम्र अनुरोध मांग की है कि माटी कला बोर्ड के उपाध्यक्ष पद एवं सदस्य पद पर की गई इस नियुक्ति पर सहानूभूतिपूर्वक पुनर्विचार किया जाए और कुम्हार/प्रजापति समाज से ही जुड़े किसी योग्य व समर्पित व्यक्तियों को इस पद पर नियुक्त किया जाए।
यदि समाज की इस जायज माँग को उत्तराखंड सरकार द्वारा स्वीकार कर इसमें पुनर्विचार किया जाता है, तो इससे संपूर्ण कुम्हार समाज लाभान्वित होगा और दुगने उत्साह व मजबूती के साथ भारतीय जनता पार्टी और आपकी सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।
हमें पूर्ण विश्वास है कि इस संवेदनशील मुख्यमंत्री के रूप में आप अति पिछड़े प्रजापति समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस विषय पर त्वरित व सकारात्मक निर्णय लेंगे
