*जीबीएम कॉलेज में “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” पर एक दिवसीय व्याख्यान का हुआ आयोजन*

गया जी। गौतम बुद्ध महिला कॉलेज एवं एमिटी यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में “आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इन डेली लाइफ एण्ड करियर अपॉर्चुनिटी” विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान सत्र का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य डॉ सीमा पटेल, मुख्य वक्ता के रूप में पधारे एमिटी यूनिवर्सिटी (जयपुर, राजस्थान) के इंजीनियरिंग विभाग के निदेशक डॉ भूपेश कुमार सिंह, सेंट्रल मैनेजर रवि कुमार सिंह, कॉलेज के बर्सर डॉ सहदेब बाउरी, पीआरओ डॉ कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी, डॉ फरहीन वज़ीरी, प्रीति शेखर, डॉ प्यारे माँझी, डॉ वीणा कुमारी जायसवाल, डॉ आशुतोष कुमार पांडेय व अन्य ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित करके किया। प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल ने महाविद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों का हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने छात्राओं को एआई के उपयोग और दुरुपयोग दोनों का समुचित ज्ञान रखने का निर्देश दिया। कहा कि चूंकि हम सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों द्वारा जो भी डेटा शेयर करते हैं, एआई उन्हीं की सहायता से कार्य करता है, इसलिए कहीं भी अपनी पर्सनल जानकारी साझा करते हुए काफी सतर्क रहने की जरूरत है। प्रधानाचार्या ने कहा कि आने वाले दिनों में एआई के क्षेत्र में छात्र-छात्राओं को करियर संबंधी अनेक अवसर भी प्राप्त होंगे।
मुख्य वक्ता डॉ भूपेश कुमार सिंह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंप्यूटर विज्ञान की वह शाखा है, जो मशीनों को इंसानों की तरह सोचने, सीखने, समस्या सुलझाने और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है। यह तकनीक डेटा का विश्लेषण करके पैटर्न पहचानती है और बिना इंसानी दखल के काम कर सकती है। डॉ भूपेश ने पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में एआई के बढ़ते प्रभाव एवं सुदृढ़ होती महत्वपूर्ण भूमिका पर सविस्तार चर्चा की। कहा कि स्मार्टफोन फेस अनलॉक, स्पॉटीफाई, यूट्यूब रेक्स, गूगल मैप्स, वेज़, एमोज़ैन, फ्लिपकार्ट, व्हाट्सएप, जीमेल, हेल्थ ऐप्स, गेमिंग एआई, नेटफ्लिक्स, हॉटस्टार का उपयोग करते समय भी हम सभी एआई का ही उपयोग कर रहे होते हैं। डॉ भूपेश के अनुसार, लगभग 99% लोग एआई की मुफ्त सेवा का उपयोग कर रहे होते हैं, कुछ ही लोग इसके पेड वर्जन का उपयोग करते हैं।
डॉ भूपेश ने कम्प्यूटर विजन, इमेज क्लासिफिकेशन, अॉब्जेक्ट डिटेक्शन, फेस रिकॉग्निशन, मेडिकल इमेजिंग, अॉटोनोमस वेइकील, इंडस्ट्रियल इंसपेक्शन के क्षेत्रों में एआई के उपयोग को बिंदुवार समझाया। उन्होंने प्रधानाचार्या डॉ पटेल, डॉ रश्मि, डॉ वीणा, डॉ अफ्शां नाहिद व छात्राओं द्वारा एआई से संबंधित पूछे गये प्रश्नों के उत्तर भी दिए। व्याख्यान के दरम्यान नैरो एआई, जेनेरल एआई, सुपर एआई (एएसआई), डीप लर्निंग एवं न्यूट्रल नेटवर्क, नेशनल लैंग्वेज प्रॉसेसिंग, मशीन ट्रांसलेशन, सेंटीमेंट एनालिसिस, टेक्स्ट समेराइजेशन पर भी बातचीत हुई। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वयन डॉ वीणा कुमारी जायसवाल ने किया। डॉ. शगुफ्ता अंसारी, डॉ अमृता कुमारी घोष, डॉ नगमा शादाब, डॉ अनामिका कुमारी, डॉ विजेता लाल, डॉ फातिमा, डॉ नुद्रतुन निसां, डॉ शबाना परवीन हुसैन, डॉ सपना पांडे, डॉ दीपिका, डॉ गणेश प्रसाद, डॉ अमृता कुमारी, डॉ सीमा कुमारी, अभिषेक कुमार भोलू, रौशन कुमार, अजीत कुमार, रंजीत कुमार, राजेश कुमार, छात्रा कशिश, श्रुति, नंदनी, अंजली, गीतांजलि, अनीषा, अंजू, खुशी, सुप्रिया, अमीषा, शिवानी, नैना सहित अनेक छात्राओं ने व्याख्यान का लाभ उठाया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।
