*डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर दायित्व धारी सुरेश भट्ट ने अर्पित की श्रद्धांजलि, कश्मीर पर उनके विचारों को किया स्मरण*

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*हल्द्वानी*। राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण एवं स्वास्थ्य अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री सुरेश भट्ट ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक, महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं देश की एकता और अखंडता के प्रबल समर्थक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर कालाढूंगी विधानसभा के मुखानी मंडल अंतर्गत जज फार्म शक्ति केंद्र स्थित जन मिलन केंद्र में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों, अखंड भारत के प्रति उनके समर्पण तथा राष्ट्रीय एकता के लिए किए गए संघर्ष को याद किया गया। श्री भट्ट ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन त्याग, समर्पण और राष्ट्रसेवा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि कश्मीर के प्रश्न पर डॉ. मुखर्जी का संघर्ष भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। डॉ. मुखर्जी का स्पष्ट मत था कि भारत एक राष्ट्र है और उसके भीतर अलग संविधान, अलग ध्वज तथा अलग शासन व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। इसी भावना को उन्होंने अपने प्रसिद्ध उद्घोष — “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” — के माध्यम से देश के सामने रखा। यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का प्रतीक था।
श्री भट्ट ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का मानना था कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और वहां भी देश के अन्य राज्यों की तरह समान संवैधानिक व्यवस्था लागू होनी चाहिए। राष्ट्र की एकता के लिए उन्होंने संघर्ष किया और अंततः देशहित में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन आज भी करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

इस अवसर पर शक्ति केंद्र प्रभारी श्री विशंभर कांडपाल, बूथ अध्यक्ष श्री हेम गंगोला, श्री महेंद्र सिंह नगरकोटी, श्री कुंदन सिंह रावत, श्रीमती शीला राणा, वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री आर.डी. पांडे, श्री एन.एस. किरौला, श्री अशोक रावत, श्री रमेश चंद्र तिवारी, श्री गौरव नेगी, श्री अशोक पपनै, श्री हेम अवस्थी, श्री भानु त्रिपाठी, श्री सुभाष पांडे, श्री कुलदीप पांडे, श्री संतोष जोशी, श्रीमती गीता तिवारी, श्रीमती उदिता तिवारी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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