*जीबीएम कॉलेज की एनएसएस इकाई ने विश्व जनसंख्या दिवस पर एक दिवसीय संगोष्ठी का किया आयोजन*

0

*-कॉलेज की एनएसएस इकाई एवं भारत विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में हुआ कार्यक्रम*

*-“युवाओं की आशाएँ, आकांक्षाएँ, एवं स्वास्थ्य समस्याएँ” विषय पर वक्ताओं ने रखे विचार*

गया जी। गौतम बुद्ध महिला कॉलेज में प्रभारी प्रधानाचार्या डॉ. शगुफ्ता अंसारी के संरक्षण में कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई ने भारत विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर “युवाओं की आशाएँ, आकांक्षाएँ, एवं स्वास्थ्य समस्याएँ” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम का समन्वयन एवं संचालन कॉलेज की एनएसएस प्रोग्राम अॉफिसर डॉ कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी ने किया। संगोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके किया गया। प्रभारी प्रधानाचार्या डॉ शगुफ्ता अंसारी एवं बर्सर डॉ सहदेब बाउरी ने अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ प्रदान करके किया। स्वागत वक्तव्य में डॉ. अंसारी ने विश्व जनसंख्या दिवस पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण, विचारणीय, एवं समय-प्रासंगिक विषय पर संगोष्ठी आयोजित करने के लिए एनएसएस इकाई एवं भारत विकास परिषद के सभी अतिथियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बढ़ती हुई प्राकृतिक आपदाओं पर चिंता जताते हुए “हम दो, हमारे दो” के सिद्धांत का अनुपालन कर जनसंख्या वृद्धि पर लगाम लगाने की बात कही।

एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ रश्मि प्रियदर्शनी ने संगोष्ठी के विषय “होप्स, एसपाइरेशन्स, एण्ड हेल्थ इश्यूज अॉव द यंग पीपुल” पर प्रकाश डाला। उन्होंने मनुष्य की सभी समस्याओं का मूल कारण तीव्र एवं अनियंत्रित गति से बढ़ती हुई मानव जनसंख्या को बतलाया। कहा कि मानव जनसंख्या में हुई बहुगुणित वृद्धि गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी, अपराधीकरण, हिंसा, लूट, शारीरिक तथा मानसिक बीमारियों में भी बढ़ोतरी कर डालतीहै। जनसंख्या वृद्धि के फलस्वरूप प्राकृतिक संसाधनों का दोहन बढ़ जाता है। धरती पर मानव अस्तित्व को सुरक्षित रखने के लिए जनसंख्या ☁️वृद्धि की गति को संतुलित एवं नियंत्रित रखने की परम आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि “धरती तो रह गयी वही, जनसंख्या बढ़ती जाये रे। देख प्रकृति का रौद्र रूप निरुपाय बुद्धि चकराये रे।”

भारत विकास परिषद के वरिष्ठ सदस्य प्रो. रंजीत कुमार वर्मा, पूर्व कुलपति, मुंगेर विश्वविद्यालय ने भी विश्व की बढ़ती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए कहा कि मानव जनसंख्या का अत्यधिक कम हो जाना और अत्यधिक बढ़ जाना, दोनों ही परिस्थितियाँ धरती एवं प्रकृति के संतुलन को बिगाड़ डालती हैं। अत्यधिक जनसंख्या से वायु, जल, थल एवं ध्वनि प्रदूषण की समस्याएँ बढ़ जाती हैं, जिसका सीधा प्रभाव युवाओं के स्वास्थ्य एवं विकास पर पड़ता है। डॉ. प्रो. प्रमोद कुमार सिन्हा, निदेशक, बुद्धा हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट, बोधगया एवं पूर्व अध्यक्ष एएनएमएमसीएच, गया ने जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए लोगों को जागरूक करने और होने की बात कही। परिवार नियोजन के तहत गर्भनिरोधकों के उपयोग, लड़कियों की शिक्षा के प्रसार, विवाह की कानूनी उम्र में वृद्धि, महिलाओं को शिक्षित तथा सशक्त बनाए जाने जैसे उपायों पर विचार रखे। डॉ. आर. आर. वर्मा, सीनियर कन्स्लटेंट, फिजीशियन एवं डॉयबिटोलोजिस्ट ने सोच-विचार करके सी चिकित्सीय परामर्शों का अनुकरण करने का परामर्श दिया। युवाओं को नशे की लत से दूर रहने तथा हरी शाक-सब्जियाँ खाने की सलाह दी। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ एकता वर्मा ने युवतियों को सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए वैक्सीनेशन करवाने का परामर्श दिया।

भारत विकास परिषद की प्रांतीय संयोजिका चिंता कुमारी ने जनसंख्या नियंत्रण में महिलाओं की भूमिका को अहम बताते हुए छात्राओं को भी परिवार और समाज को जागरूक करने कहा। डॉ. संगीता सिन्हा ने प्रकृति संरक्षण पर विचार रखते हुए कहा कि युवाओं को पौधारोपण कार्यक्रमों में बढ़चढ़कर भाग लेना चाहिए। भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों में
डॉ जीतेंद्र कुमार सिन्हा, मुकेश कुमार, मनोज कुमार सिन्हा, अनिल कुमार लोहानी ने भी जनसंख्या वृद्धि के दुष्परिणामों पर अपने विचार रखे। प्राण मित्तल, सचिव, भारत विकास परिषद ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में एनएसएस स्वयंसेवक शिवानी सिंह, श्रुति सिंह, वैष्णवी, संचिता, कुलीना राज, कोमल सोनी, अंजली मिश्रा, कशिश, राधिका, उर्मिला आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संगोष्ठी में डॉ जया चौधरी, डॉ प्यारे माँझी, डॉ फरहीन वज़ीरी, डॉ शुचि सिन्हा, डॉ आशुतोष कुमार पांडेय, डॉ वीणा कुमारी जायसवाल, डॉ विजेता लाल, डॉ फातिमा, डॉ नुद्रतुन निसां, डॉ शबाना परवीन हुसैन, डॉ प्रियंका पांडेय, डॉ किरण कुमारी, डॉ वीणा कुमारी, रौशन कुमार, अभिषेक कुमार, रंजीत कुमार, अजीत कुमार आदि की भी उपस्थिति रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Share