कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी, इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा
एमबीबीएस करने वाले छात्रों को कम से कम 3 साल तक अपनी सेवाएं देनी होंगी। उसके बाद ही उन्हें पीजी करने के लिए अनुमति दी जाएगी।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई है। कैबिनेट बैठक में तमाम महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी है।
उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी मंत्रिमंडल की मुहर लगी। राजकीय मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करने के बाद एमबीबीएस के छात्रों को पर्वतीय क्षेत्रों में बॉन्ड के तहत तीन साल सेवाएं देनी होती हैं। लेकिन कुछ दिन ड्यूटी करने के बाद ही एमबीबीएस डॉक्टर्स पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए आवेदन कर देते हैं और पीजी करने चले जाते हैं। इसके चलते डॉक्टरों की कमी बरकरार रहती है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है कि राजकीय मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को कम से कम 3 साल तक अपनी सेवाएं देनी होंगी। उसके बाद ही उन्हें पीजी करने के लिए अनुमति दी जाएगी। इस प्रस्ताव पर भी मंत्रिमंडल की मुहर लगने की संभावना थी, हालांकि इस बार की मीटिंग में मुहर नहीं लगी।
एमबीबीएस और पीजी के इंटर्न डॉक्टर्स पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे हैं। ये लोग स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान इंटर्न डॉक्टरों की मांगों पर भी चर्चा हुई है। मंत्रिमंडल ने उनका स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला लिया। कैबिनेट की बैठक से वकीलों के लिए भी खुशखबरी आई है। शासकीय अधिवक्ताओं के शुल्क दर पुनर्निधारित होंगे तो एससी और एचसी के साथ सबऑर्डिनेट कोर्ट्स के वकीलों का मानदेय बढ़ाने को भी मंजूरी मिली है। इसके अलावा खाद्य और विधिन माप विज्ञान विभाग में सेवा नियमावली संशोधन को लेकर भी फैसला हुआ है।
खेल नीति 2021 के तहत तमाम विभागों में 283 पदों को खिलाड़ियों की नौकरी के लिए आरक्षित किया गया। खिलाड़ियों को खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, गृह विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग और वन विभाग में जॉब मिलेगी। जीएमवीएन की पार्किंग में 972 गज जमीन गढ़वाल सभा को देने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिली है। इसके अलावा कर्मचारी राज्य बीमा निगम निदेशालय, हरिद्वार की जमीन के निकट 15 एकड़ भूमि अस्पताल को देने पर मुहर लगी है।
