चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली पहुंची गोपीनाथ मंदिर
चमोली। चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली के गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर पहुंचते ही पूरा परिसर भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। वहीं डोली के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने भगवान रुद्रनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं की भीड़ और जयकारों के बीच गोपीनाथ मंदिर में भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। उत्सव डोली के दीदार और आशीर्वाद के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा।
गौर हो कि भगवान रुद्रनाथ की पावन उत्सव डोली के गोपेश्वर आगमन के साथ ही गोपीनाथ मंदिर परिसर पूरी तरह शिवमय हो गया। बाबा भोलेनाथ के गगनभेदी जयकारों और शंखध्वनि के बीच जैसे ही डोली ने मंदिर में प्रवेश किया, वहीं उत्सव डोली को देख हजारों श्रद्धालुओं की आंखें श्रद्धा से छलक उठी। मंदिर में उत्सव डोली पहुंचते ही पूरा परिसर भक्ति के अलौकिक रंग में डूब गया।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 17 अक्टूबर की देर रात 11 बजे विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। कपाट बंद होने के बाद भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली पारंपरिक रीति-रिवाजों और जयकारों के बीच शीतकालीन गद्दीस्थल गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर के लिए रवाना हुई। डोली के गोपीनाथ मंदिर पहुंचने के साथ ही शीतकालीन पूजा की परंपरा शुरू हो गई।
परंपरा के अनुसार, शीतकाल के दौरान भगवान रुद्रनाथ की पूजा-अर्चना गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर में ही संपन्न होती है। अगले छह महीने तक श्रद्धालु यहीं भगवान रुद्रनाथ के दर्शन कर सकेंगे। उच्च हिमालयी क्षेत्र में लगातार बदलते मौसम और बर्फबारी के बीच शीतकाल के लिए कपाट बंद होने के बाद अब भगवान की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास पर पहुंच गई है। डोली के गोपीनाथ मंदिर पहुंचने पर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे।
