दुबई में ‘अनहद नाद’ भजन क्लबिंग में गूँजा MAAsterG का दिव्य ज्ञान
दुबई. दुबई के ऊद मेहता स्थित ग्लेनडेल इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित ‘अनहद नाद — MAAsterG के साथ भजन क्लबिंग’ में संगीत, भक्ति और आध्यात्मिक ज्ञान का अनूठा संगम देखने को मिला। कैनफील्ड द्वारा गॉड होम जर्नी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में MAAsterG विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। भजन गायक महावीर शर्मा, वृंदावन के बिहारी दास जी, भजन गायिका अल्पिता, पहले यूट्यूब गायक सिद्धार्थ सलाथिया और बॉलीवुड गायक गुराशिश सिंह की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को संगीतमय और भक्तिमय बनाया।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि बुआब्दुल्ला, सामुदायिक नेतृत्वकर्ता एवं उद्यमी वीना उत्तमचंदानी, एम्बेसडर लैला रहाल एल अतफानी (द रॉयल हाउस ऑफ क्वीन शेबा की क्राउन सीनेटर तथा वुमन बिज़नेस सर्कल/बिज़नेस गेट की संस्थापक एवं सीईओ), अमीराती अभिनेता अब्दुल्ला अल जफाली तथा उद्यमी एवं समाजसेवी रिज़वान अडातिया भी उपस्थित रहे। सिंधी व्यवसायी राम कुमार टोलानी की उपस्थिति ने भी आयोजन की गरिमा बढ़ाई। भजनों और संगीत के माध्यम से लोगों को एक साथ जुड़ने तथा आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करने का अवसर मिला।
अपनी वाणी में MAAsterG ने भजन का वास्तविक अर्थ समझाते हुए कहा कि जब हमारे गानों में भगवान को सबसे आगे रखा जाता है, तब वे भजन बन जाते हैं। भजन केवल गाना नहीं, बल्कि उसके भाव में पूरी तरह विलीन हो जाना है, जहाँ गाने वाले और भजन के बीच का भेद मिटने लगता है। ‘अनहद नाद’ इसी आंतरिक अनुभव का प्रतीक है, जहाँ संगीत परमात्मा से जुड़ने, आत्मिक आनंद और आंतरिक शांति पाने का माध्यम बन जाता है।
MAAsterG ने प्रेम के महत्व को समझाते हुए कहा कि “प्रेम ही परमात्मा है।” जब परमात्मा प्रेम है, तो हमारे भीतर भी प्रेम होना आवश्यक है। जब तक हमारे भीतर प्रेम नहीं होगा, हम दूसरों को सच्चा प्रेम कैसे दे सकेंगे? इसलिए भजन का उद्देश्य केवल परमात्मा का गुणगान करना नहीं, बल्कि उसके प्रेम को अपने भीतर अनुभव करना और उसी प्रेम को अपने जीवन में दूसरों तक पहुँचाना भी है।
MAAsterG को 2007 में आत्मबोध हुआ और पिछले 18 वर्षों से उन्होंने अपने अनुभव को लाखों लोगों के साथ एक-एक करके निःशुल्क साझा किया। उन्होंने देखा कि 10 वर्ष के बच्चे से लेकर 80 वर्ष की दादी तक, चार पीढ़ियाँ एक साथ खुशी से झूम रही थीं। इसी अनुभव के आधार पर दिसंबर 2023 में उन्होंने अपने ज्ञान को पूरी दुनिया तक पहुँचाने का निर्णय लिया और “MAAsterG” के नाम से सभी सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर आए। इस तरह उनके *“मिशन 800 करोड़”* की शुरुआत हुई, जिसका उद्देश्य दुनिया के अंतिम व्यक्ति तक खुशी पहुँचाना है। इसी कारण मिशन का नारा भी *“हैप्पीनेस गारंटीड”* है। अब तक वे और उनकी कम्युनिटी टीम 900 से अधिक कार्यक्रम कर चुके हैं।
MAAsterG ने दिल्ली, कोलकाता और अन्य शहरों के पुलिस मुख्यालयों के साथ-साथ भारतीय सेना, अनेक बार एसोसिएशनों, विश्वविद्यालयों, ग्लोबल आध्यात्मिक महोत्सव तथा अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर भी अपना ज्ञान साझा किया है।
