मांगों पर सुनवाई न होने से बीएएमएस इंटर्न डाक्टरों ने आयुर्वेदिक कॉलेज के गेट पर जड़ा ताला
हरिद्वार। एमबीबीएस इंटर्न के बाद अब बीएएमएस इंटर्न डॉक्टरों ने भी अपना स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग की। अपनी इसी मांग को लेकर बीते सात दिनों से उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के गुरुकुल परिसर में बीएएमएस इंटर्न डॉक्टर हड़ताल पर बैठे है। सातवें दिन भी जब बीएएमएस इंटर्न डॉक्टरों की मांग पर कोई सुनवाई नही हुई तोे उन्होंने गुरुकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के गेट पर ताला जडकर अपना विरोध दर्ज कराया।
उधर ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र-छात्राएं भी आंदोलन में शामिल हो गए। उन्होंने भी ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के मुख्य गेट पर प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्र-छात्राओं ने वर्तमान में मिल रहे 15 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग की है। उन्होंने एमबीबीएस छात्रों की तर्ज पर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों छात्रों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा। गुरुकुल आयुर्वेदिक कॉलेज की छात्रा हिमा रावत ने कहा कि इंटर्न डॉक्टरों से नियमित चिकित्सकों की तरह काम लिया जाता है, लेकिन स्टाइपेंड के मामले में उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र निखिल पंवार ने कहा कि जो स्टाइपेंड उन्हें मिल रहा है, उसका भुगतान हर महीने होने के बजाय छह महीने में किया जाता है। महंगाई बढ़ गई और खर्च पूरे नहीं हो रहे हैं। स्टाइपेंड का भुगतान नियमित रूप से हर महीने किया जाए। डॉक्टरों से जिस तरह का काम लिया जाता है, उसी के अनुरूप उन्हें सुविधाएं और कार्य दिवस भी दिए जाने चाहिए। छात्रा श्वेता सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में भी इंटर्न डॉक्टरों ने दिन रात सेवाएं दी थीं। मरीजों की देखभाल और कांवड़ मेले के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ काम किया। इसके बावजूद इंटर्न डॉक्टरों को अन्य डॉक्टरों के समान सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने सरकार से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की और कहा कि जब तक स्टाइपेंड बढ़ाने समेत उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।बता दें कि इससे पहले एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग थी, जिसको लेकर उन्होंने भी आंदोलन किया था। आखिर में सरकार को उनकी मांगों पर विचार करना पड़ा था और हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों को स्टाइपेंड बाढ़कर 25 हजार रुपए किया था।
