निजी स्कूलों और बुक सेलर्स की अब नहीं चलेगी मनमानी, 46 स्कूलों को कारण बताओ नोटिस
हल्द्वानी में 46 निजी स्कूलों और बुक सेलरों के गठजोड़ समेत विभिन्न अनियमितताओं पर जिला प्रशासन का एक्शन, 3 दिन में जवाब तलब
हल्द्वानी. जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशों के क्रम में प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई के बाद अब बड़ा एक्शन लिया गया है। जांच में निजी स्कूलों और बुक सेलर्स के गठजोड़ का खुलासा होने के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने 46 निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
जांच के दौरान सामने आया कि अभिभावकों को एनसीईआरटी की सस्ती किताबों की बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा था। कई दुकानों से स्कूलों द्वारा जारी पर्चियां भी बरामद हुईं, जिनमें अभिभावकों को तय दुकानों से ही कॉपी-किताब खरीदने के निर्देश दिए गए थे।
सीईओ द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित जांच समिति की रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं।
जिनमें अभिभावकों को विशेष दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए बाध्य करना, एनसीईआरटी के अलावा महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें थोपना, स्कूलों द्वारा सीबीएसई के निर्देशों का उल्लंघन, स्कूलों की वेबसाइट पर अनिवार्य सूचनाएं और फीस स्ट्रक्चर सार्वजनिक न करना शामिल है।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि यह कृत्य शासन/प्रशासन और सीबीएसई के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन है, जिसे गंभीरता से लिया गया है।
सभी संबंधित स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे 11 अप्रैल 2026 तक शाम 5 बजे तक अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
यदि तय समय में जवाब नहीं दिया गया या संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो स्कूलों के खिलाफ मान्यता/संबद्धता पर कार्रवाई, विधिक कार्रवाई अन्य प्रशासनिक दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
