*जीबीएम कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य पर संगोष्ठी का आयोजन*

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लॉयन्स क्लब, एनएसएस इकाई एवं एनसीसी इकाई के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन

*संगोष्ठी में डॉ विजय कुमार करण, डॉ दीपशिखा काव्या एवं डॉ श्वेता ने मानसिक तनाव के कारण और निवारण पर रखे विचार*

गया जी। गौतम बुद्ध महिला कॉलेज में 10 अक्टूबर को मनाये जाने वाले विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के तहत लॉयन्स क्लब अॉफ गया जी की पहल पर कॉलेज की एनएसएस इकाई एवं एनसीसी इकाई के संयुक्त तत्वावधान में “प्राकृतिक आपदाओं के दरम्यान मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल के नेतृत्व में मंचासीन गणमान्य अतिथियों एवं उपस्थित प्रोफेसरों ने दीप प्रज्ज्वलन करके किया। तत्पश्चात प्रधानाचार्या ने संगोष्ठी के मुख्य अतिथि, लायन्स क्लब के चेयरपर्सन प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ विजय कुमार करण, मुख्य वक्ता जानी-मानी मनोचिकित्सक एमबीबीएस डॉ. दीपशिखा काव्या, मनोचिकित्सक डॉ श्वेता, क्लब के प्रेसीडेंट एडवोकेट विनय वर्मा, ज़ोनल चेयरपर्सन ऐडवोकेट एस. एस. ज़ावेद यूसूफ एवं संजय कुमार का स्वागत पुष्प गुच्छ प्रदान करके किया। कार्यक्रम की संचालन कर रहीं कॉलेज की एनएसएस प्रोग्राम अॉफिसर डॉ कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी ने स्वागत वक्तव्य के उपरांत संगोष्ठी के मूल उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम सभी को विपरीत परिस्थितियों एवं चुनौतियों के समय मन को संतुलित तथा नियंत्रण में रखने की कला अवश्य आनी चाहिए। एडवोकेट विनय वर्मा ने प्रतिभागियों को लायन्स क्लब द्वारा किये जा रहे कार्यों से अवगत कराया। कहा कि लायंस क्लब एक अंतरराष्ट्रीय सेवा संगठन है, जो 200 से अधिक देशों में फैला हुआ है। क्लब द्वारा स्थानीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।

संगोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ दीप शिखा काव्या ने “प्राकृतिक आपदाओं एवं आकस्मिक घटनाओं में परिवर्तित मानसिक स्वास्थ्य की पहचान एवं उपचार’ विषय पर सारगर्भित विचार रखे। डॉ दीपशिखा ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं एवं विभिन्न कारणों से होने वाले मानसिक तनाव की स्थिति में मदद लेना कमजोरी नहीं, अपितु साहस का कार्य है। पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन की सहायता से छात्राओं को वेलनेस व्हील, ग्राउंडिंग, अनहुकिंग, टेकनीक्स टू कॉमबैट विद मेंटल स्ट्रेस विषयों पर जागरूक किया। द्वितीय वक्ता डॉ श्वेता ने टाइप्स अॉफ कन्फ्लिक्ट्स, सिम्पटम्स अॉफ स्ट्रेस, इन्क्रीज्ड एंगर एण्ड इनऐबिलिटी टू कॉन्स्सन्ट्रेट आदि महत्वपूर्ण विषयों पर बिंदुवार अपने विचार रखे। मुख्य अतिथि डॉ विजय करण ने प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल, कार्यक्रम समन्वयक डॉ रश्मि प्रियदर्शनी एवं समस्त महाविद्यालय परिवार को मानसिक स्वास्थ्य एक सफल कार्यक्रम के आयोजन हेतु शुभकामनाएं दीं। अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्या डॉ पटेल ने मेडिटेशन एवं योगासन को मानसिक शांति के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि कार्य करने के लिए थोड़ा स्ट्रेस तो लेना ही पड़ता है। लेकिन उसे स्वयं पर हावी नहीं होने देना चाहिए। कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है।

संगोष्ठी में डॉ शगुफ्ता अंसारी, एनसीसी सीटीओ डॉ नगमा शादाब, डॉ अनामिका कुमारी, डॉ प्रियंका कुमारी, प्रीति शेखर, डॉ शबाना परवीन हुसैन, डॉ अफशां नाहिद, डॉ वीणा कुमारी जायसवाल, डॉ फातिमा, डॉ विजेता लाल, डॉ आशुतोश कुमार पांडेय, रौशन कुमार, अभिषेक कुमार, अजीत कुमार, वेदराज उपस्थित रहे। कॉलेज की एनएसएस स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडटों, एवं सभी विभाग की छात्राओं ने कार्यक्रम का बढ़चढ़कर लाभ उठाया एवं अतिथि वक्ताओं से अपनी व्यक्तिगत मानसिक समस्याओं का समाधान भी पूछा। कार्यक्रम के संयोजन में शुभांगी मिश्रा, आंचल कुमारी, मुस्कान, जूली, सोनाली राज, शोभा कुमारी, आंचल, काजल, मुन्नी, श्वेता, स्वीटी, कृतिका, तन्नू, रिया, विद्या एवं श्रेया आदि की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धन्यवाद ज्ञापन क्लब के सचिव डॉ तनवीर उस्मानी ने किया।

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