पुन: अरण्य संस्था हरियाली को कृत संकल्पित
सोल ऑफ इंडिया,
देहरादून। हरेला उत्सव पखवाड़े के अंतर्गत पुन: अरण्य संस्था ने देहरादून में पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के लिए हरित पहल थानो वन रेंज ,में हाल ही में आयोजित की।
राजाजी राष्ट्रीय उद्यान, देहरादून के थानो रेंज में पौधारोपण अभियान का आयोजन सफल रहा।
उत्तराखंड वन विभाग, थानो रेंज के सहयोग से, हरेला हरियाली उत्सव पौधारोपण का यह चौथा वर्ष रहा।जिसमें पुन: अरण्य के सदस्यों के अलावा, हिमज्योति स्कूल और पुरकल यूथ डेवलपमेंट सोसाइटी के छात्र, वेस्ट वॉरियर्स, देहरादून के स्वयंसेवक, कविता एंटरप्राइजेज की कविता, जो जैविक खेती के लिए समर्पित हैं, और देहरादून के प्रमुख नागरिकों ने अभियान में भाग लिया।
उत्साही स्वयंसेवकों ने थानो में पाओ वाला सोडा और भोपाल पानी एअरपोर्ट रोड पर २०० से अधिक पौधे लगाए। पुनहा अरण्य ने वन विभाग को 5.5 फीट ऊंचाई के 140 पेड़ गार्ड भी भेंट किए। वन विभाग को 500 किलोग्राम कम्पोस्ट भी सौंपा गया, ताकि नए लगाए गए पौधों को उर्वरित किया जा सके।
लगाए गए पौधों और पेड़ों में फूल वाले पेड़ और उत्तराखंड के देशी पेड़ शामिल थे।
छात्रों को विषय चर्चा और कहानी के माध्यम से प्रकृति के संरक्षण की आवश्यकता के बारे में भी जागरूक किया गया।
वेस्ट वॉरियर्स के ऐश्वर्य ने सही कूड़ा निपटान की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया। छात्रों ने पत्थरों को सुंदर वस्तुओं में बदलने और आलू से बने ब्लॉक या मोल्ड का उपयोग करके प्रिंटिंग की कला भी इस अवसर पर सीखी। अपनी कला के माध्यम से छात्रों ने पृथ्वी, हमारे आसपास की प्रकृति और जलवायु परिवर्तन के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
सर्वश्रेष्ठ रचनाएँ बनाने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया गया। पौधारोपण कार्यक्रम वन विश्राम गृह, थानो में धन्यवाद ज्ञापन और जलपान के साथ समाप्त हुआ। एनएल डोभाल, थानो रेंज अधिकारी, एसके दुबे, वन दरोगा, थानो और उनकी टीम के अलावा, दो दिवसीय पौधारोपण अभियान में भाग लेने वाले स्वयंसेवक शेफाली रे, पुनहा अरण्य की संस्थापक सदस्य, पुनित सिंह, जीसस एंड मैरी स्कूल में वरिष्ठ शिक्षक, अमनदीप सिंह, वंदिता प्रसिद्ध कला और शिल्पकार ने दोनों दिन छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान किया।
अन्य सदस्य मसलन कविता एंटरप्राइजेज की कविता, अमित सैनी, रितु सिंघल, अंकिता, विनीत सिंह जग्गी, अभिषेक बिश्नोई और वेस्ट वॉरियर्स के स्वयंसेवक। तूतू नवंबर के अभिनव ने बैनर और पोस्टर डिज़ाइन किए। वन और पर्यावरण सचिव के साथ छात्रों की बातचीत भी फलदायी रही।
