*जीबीएम कॉलेज में एनएसएस इकाई एवं सेहत केन्द्र ने लगाया दो दिवसीय सहज योग शिविर*

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*-छात्राओं, शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों ने सीखे मानसिक तनाव से निवृत्त होने के उपाय*

*-योग प्रशिक्षकों ने आत्म-ज्ञान, मानसिक संतुलन, एवं आध्यात्मिक उत्थान के लिए योगाभ्यास को बताया आवश्यक*

गया जी। गौतम बुद्ध महिला कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई (एनएसएस), सेहत केन्द्र, एवं सहज योग के संयुक्त तत्वावधान में तथा प्रधानाचार्य डॉ सीमा पटेल के संरक्षण में दिनांक 09 अप्रैल से 10 अप्रैल तक दो दिवसीय योग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। सहज योग शिविर के संयोजन एवं समन्वयन में एनएसएस प्रोग्राम अॉफिसर डॉ कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी एवं सेहत केन्द्र की नोडल अॉफिसर डॉ प्रियंका कुमारी संयुक्त रूप से भूमिका निभा रही हैं। योग शिविर के प्रथम दिन दो सत्रों में योगाभ्यास करवाया गया। प्रथम सत्र में एनएसएस के स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेटों, एवं विभिन्न विभागों के सौ से अधिक छात्राओं ने “सहज योग संस्था” से आए प्रशिक्षकों के निर्देशन में योगाभ्यास किया। गीतांजलि, अनीषा, मानसी, श्रुति सिंह, मुस्कान, अंजली, सृष्टि, रिशू, सौम्या, खुशी, रानी, वर्षा, आलिया, जानवी, श्वेता, नैना आदि विभिन्न विभागों की छात्राओं, एनएसएस स्वयंसेवकों, एवं एनसीसी कैडेटों ने ध्यानपूर्वक योगसत्र का लाभ उठाया। मानसिक तनाव के समय संतुलन बनाने के तरीके सीखे। सहज योग से पधारे प्रशिक्षकों में सुषमा विजयवर्गीय, प्रवीण कुमार, ममता, भारती, शिल्पा अरोरा, सोनिया गुप्ता, सुमन शर्मा, मीता भूटिया ने छात्राओं को योग के माध्यम से चिंता, तनाव, उच्च रक्तचाप, अवसाद, आक्रामकता आदि से मुक्ति की युक्तियाँ बतलाईं। छात्राओं ने स्मरण शक्ति का विकास करने वाली योग मुद्राओं को सीखा और किया।

दूसरे सत्र में कॉलेज के प्रोफेसरों एवं शिक्षकेतर कर्मियों ने योगाभ्यास करके स्वास्थ्य लाभ उठाया। आनंद, प्रेम, करुणा, सौहार्द्रपूर्ण संबंधों के सौंदर्य को अंतर्मन में महसूस किया। एनएसएस प्रोग्राम अॉफिसर एवं कॉलेज पीआरओ डॉ रश्मि ने बतलाया कि एक अत्यंत शांत वातावरण में कॉलेज के प्रोफेसरों एवं शिक्षकेतर कर्मियों ने कुंडलिनी जागृति, आत्म जागरूकता, आंतरिक शांति, रचनात्मकता, आत्मविश्वास, संचार कौशल, स्वास्थ्य आदि जैसे विषयों पर जानकारियाँ पायीं। संतुलित जीवन जीने के लिए जरूरी योग मुद्राओं को सीखा और आत्मचिंतन किया। प्रशिक्षकों ने आत्म-ज्ञान, संतुलन एवं आध्यात्मिक उत्थान के लिए योगाभ्यास को आवश्यक बतलाते हुए नाभि चक्र, मूलाधार चक्र, सहस्रार चक्र, आज्ञा चक्र, ईड़ा नाड़ी, पिंगला नाड़ी, सुषुम्ना नाड़ी, आत्मा, भवसागर, स्वाधिष्ठान चक्र, विशुद्धि चक्र पर भी संक्षिप्त चर्चा की।

प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल के अनुरोध पर सहज योग के प्रशिक्षक 10 अप्रैल को आंतरिक परीक्षाओं के उपरांत संध्या सवा चार बजे से योग शिविर में विभिन्न योग मुद्राओं को सिखलाएंगे, जिसमें इच्छुक छात्राएँ एवं कॉलेज के शिक्षक/शिक्षकेतर कर्मी भाग ले सकते हैं। प्रधानाचार्या ने कहा कि छात्राएँ योगाभ्यास करके परीक्षा तथा जीवन के उतार-चढ़ाव के विभिन्न शारीरिक और मानसिक तनावों से मुक्ति पा सकती हैं। उनका स्वास्थ्य अच्छा रह सकेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा। व्यवहार में शीलता, आचरण में शुद्धता एवं सकारात्मकता आ सकेगी। योग प्रशिक्षिका सुषमा विजयवर्गीय ने सहज योग की संस्थापक माताजी निर्मला देवी के नेतृत्व में कार्यरत सहज योग के विभिन्न देशों में चल रहे सौ से अधिक केन्द्रों द्वारा लोगों को योग से संलग्न करने की दिशा में किए जा रहे प्रयत्नों पर प्रकाश डाला और योग को दैनिक जीवन में शामिल करने की बात कही। कहा कि सहज योग द्वारा योग साधकों को निःशुल्क योग प्रशिक्षण देने का कार्य किया जा रहा है।

सहज योग शिविर में डॉ सहदेब बाउरी, डॉ अनामिका कुमारी, डॉ नगमा शादाब, प्रीति शेखर, डॉ शुचि सिन्हा, डॉ बनीता कुमारी, डॉ रुखसाना परवीन, डॉ शबाना परवीन हुसैन, डॉ वीणा कुमारी जायसवाल, डॉ विजेता लाल, डॉ फातिमा, डॉ नुद्रतुन निसां, डॉ प्रमिला कुमारी, डॉ सीता, डॉ सपना पांडे, डॉ दीपिका, चिंता देवी ने अति रुचिपूर्वक भाग लिया। सभी ने योग सत्र के उपरांत स्वयं को शांतचित्त एवं प्रसन्न पाया।ज्ञातव्य है सहज योग आत्मज्ञान को प्राप्त करने की अत्यंत सरल, सुलभ एवं सहज ध्यान-पद्धति है। यह परमात्मा की सर्वव्यापक शक्ति से जुड़ने का सरल एवं सिद्ध मार्ग है।

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