-बॉर्डर सुरक्षा को सुदृढ़ करने में काउंटर ड्रोन तकनीक की अहम भूमिका
राज्यपाल के समक्ष काउंटर ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन
-राज्य में ड्रोन एवं काउंटर ड्रोन के उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) के समक्ष मंगलवार को विशेषज्ञों द्वारा अत्याधुनिक काउंटर ड्रोन तकनीक का विस्तृत प्रस्तुतिकरण एवं डेमो प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के ड्रोन और काउंटर ड्रोन कार्यप्रणाली, क्षमताओं एवं उनके उपयोग के बारे में जानकारी दी। इस दौरान शासन, पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बल तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में बदलती सुरक्षा चुनौतियों एवं तकनीकी आवश्यकताओं को देखते हुए ड्रोन और काउंटर ड्रोन तकनीक का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। उन्होंने इस प्रकार की उन्नत तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर बल देते हुए संबंधित विभागों को इनके संभावित उपयोग के प्रति सजग रहने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में इस तकनीक का उपयोग न केवल सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि आपदा प्रबंधन एवं जन कल्याण के लिए उपयोगी होगी।
वर्तमान परिदृश्य में सीमाओं की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीकों का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। ड्रोन के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ उनसे उत्पन्न संभावित चुनौतियों को देखते हुए काउंटर ड्रोन तकनीक अत्यंत आवश्यक हो गई है। यह तकनीक संदिग्ध या अनधिकृत ड्रोन की पहचान, ट्रैकिंग और निष्क्रिय करने में सक्षम है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा और अधिक मजबूत की जा सकती है। विशेष रूप से संवेदनशील सीमाओं वाले राज्यों के लिए यह तकनीक रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस दौरान बताया गया कि ड्रोन तकनीक का उपयोग आपदा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तथा आवश्यक सेवाओं के त्वरित संचालन में अत्यंत प्रभावी रूप से किया जा सकता है। विशेष रूप से उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय एवं दुर्गम भौगोलिक क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से दवाइयों, आवश्यक सामग्रियों और राहत सामग्री को शीघ्रता से पहुंचाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, काउंटर ड्रोन तकनीक का उपयोग बड़े आयोजनों, जैसे कुंभ, कांवड़ यात्रा आदि में भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकता है। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, गृह सचिव शैलेश बगोली, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, अपर सचिव रीना जोशी, निदेशक आईटीडीए आलोक कुमार पांडे, कुलपति ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय प्रो. नरपिंदर सिंह, कुलपति उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय प्रो. तृप्ता ठाकुर, कुलपति यूपीईएस डॉ. सुनील राय, जीओसी उत्तराखण्ड सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल, कमांडिंग ऑफिसर 1/3 गढ़वाल राइफल कर्नल मंदार बिनिवाले, कमोडोर आरएम थोमस एवं डीआईजी सीआरपीएफ संजीव कुमार उपस्थित रहे।
