समन्वय -संस्कृति के साथ मनाया बाल दिवस का उत्सव
“हर बच्चा मायने रखता है” — को सुंदरता से साकार किया।

सोल ऑफ इंडिया, सूर्य कांत बेलवाल
संस्कृति स्कूल, रानीपुर मोड़ में 14 नवंबर ,भारत के प्रथम प्रधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिवस ( बाल दिवस) उत्साह और गर्व के साथ मनाया गया।
बाल दिवस बच्चों की भावना, रचनात्मकता और उनकी अनंत संभावनाओं का सम्मान करने के लिए समर्पित रहा। पूरे आयोजन ने इस वर्ष की थीम — “हर बच्चा मायने रखता है” — को सुंदरता से साकार किया।
दिन की शुरुआत विशेष प्रार्थना और बाल दिवस संदेश के साथ हुई, उत्सव का एक और आकर्षण केक-कटिंग समारोह रहा, जहाँ बच्चों ने मिलकर बाल दिवस केक काटा और “हम सब एक हैं” के भाव को जीवंत किया।
इसके बाद खेल प्रतियोगिताओं की शुरुआत हुई जिनमें थ्री-लेग रेस, लेमन रेस, कलेक्ट द बॉल्स, होपिंग रेस, फ्रॉग रेस, खो-खो, प्रॉप रेस और कोन रेस जैसी रोमांचक गतिविधियाँ शामिल थीं। बच्चों ने अपने वर्ग और आयु के अनुसार इन प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया। रेस प्रतियोगिता में सभी कक्षाओं के विजेताओं को ट्रॉफियाँ प्रदान की गईं, जिससे बच्चों में उपलब्धि और आत्मविश्वास की भावना और भी प्रबल हुई। परिसर बच्चों की हँसी और तालियों से गूंज उठा। इसके बाद बच्चों ने विशेष भोजन का आनंद लिया और उन्हें स्कूल की ओर से उपहार स्वरूप हैन्ड्मेड कार्ड भी प्रदान किए गए — जो स्नेह और प्रशंसा के प्रतीक थे।
प्रिंसिपल श्रीमती श्वेता सहगल ने अपने प्रेरणादायक शब्दों में कहा,
“बच्चे हमारे भविष्य का दिल हैं। यह हमारा कर्तव्य है कि हम ऐसे सुरक्षित और प्रोत्साहन भरे वातावरण का निर्माण करें जहाँ हर बच्चा स्वयं को मूल्यवान, आत्मविश्वासी और प्रेरित महसूस करे। बाल दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हर बच्चे में अनंत संभावनाएँ हैं — हमें बस उन्हें पहचानने और पोषित करने की आवश्यकता है।”
इस अवसर पर शिक्षकों ने भी बच्चों के प्रति अपने स्नेह और समर्पण का परिचय दिया तथा विभिन्न गतिविधियों में उनका साथ दिया। विद्यालय परिसर पूरे दिन बच्चों की ऊर्जा, उत्साह और मासूमियत से सराबोर रहा।
