“वैश्विक शांति की चुनौतियां और भारत” विषय पर संवाद गोष्ठी का आयोजन हुआ
वक्ताओं ने आर्थिक रणनीतिक,कूटनीतिक दबावों की भर्त्सना करते हुए कहा देश अपने स्वाभिमान के आगे ना कभी झुका है ना ही झुकेगा।

देहरादून। भारतीय वायु सेवा दिवस पर “वैश्विक शांति की चुनौतियां और भारत”विषय पर संवाद का आयोजन संयुक्त नागरिक संगठन और गोरखाली सुधार सभा के तत्वावधान में संगठन के नेमी रोड कार्यालय में ब्रिगेडियर केजी बहल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अमेरिका द्वारा भारत के आयात पर टैरिफ के माध्यम से डाले जा रहे आर्थिक रणनीतिक,कूटनीतिक दबावों की भर्त्सना करते हुए कहा देश अपने स्वाभिमान के आगे ना कभी झुका है ना ही झुकेगा। वक्ताओं ने भारत सरकार की विदेश नीति की सराहना करते हुए अमेरिका तथा उनके सहयोगी नाटो तथा यूरोपियन देशों द्वारा भारत को रूस से क्रूड ऑयल आयात करने पर प्रतिबंध लगाने की कोशिशों को साम्राज्यवाद तथा उपनिवेशवाद का प्रतीक बताया। वक्ताओं ने विदेशी आयात पर निर्भरता को खत्म करने के लिए स्वदेशी उत्पादों का अधिकतम उपयोग करने का भी आह्वान किया वक्ताओं ने विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर वहां अपनी योग्यताओं का उपयोग देशहित में ना होने पर दुख जताते हुए कहा कि बच्चों और उनके पेरेंट्स को अब यह प्रवृत्ति बदलनी होगी। इनकी योग्यताओं का उपयोग देशहित में ही किया जाए यह जज्बा पैदा करने की आज समाज में जरूरत है। इसके लिए सरकार को नीतिगत फैसले लेने होंगे।संवाद में लेफ्टिनेंट कर्नल सीबी थापा,कैप्टन वाईबी थापा,आन रेरी कैप्टन पीएस थापा,कर्नल केएस मान, ब्रिगेडियर के जी बहल,कैप्टन राकेश धयानी, इंजीनियर कोर के डीके बोरा, मेजर एम एस रावत,अर्थशास्त्री जितेंद्र डांडोना,सुशील त्यागी, मुकेश शर्मा, गिरीश चंद्र भट्ट, ठाकुर शेर सिंह,अवधेश शर्मा, उमेश्वर सिंह रावत आदि समाज सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल थे। प्रेषक सुशील त्यागी सचिव संयुक्त नागरिक संगठन देहरादून
