प्रधानमंत्री के पिता पर की गयी टिप्पणी के खिलाफ भाजपा ने किया प्रदर्शन
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के बारे में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अपमानजनक, अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद राष्ट्रीय स्तर पर घमासान मचा हुआ है। खड़गे के इस बयान के खिलाफ भाजपा देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष से बिना शर्त माफी मांगने की भी मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों से व्यक्तिगत अपमान नहीं होना चाहिए। इस मामले पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, सत्ता से बाहर रहने की वजह से उनका मानसिक संतुलन गड़बड़ा गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से पटना में की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में देशभर में प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के नेतृत्व में देहरादून में भी विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। साथ ही कहा कि राजनीतिक विचारधाराएं अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन किसी के माता-पिता के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। ऐसी टिप्पणी की जितनी निंदा की जाए, वो कम है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, पूरी कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके लोग जहां भी हैं, उन सभी का मानसिक संतुलन, सत्ता से बाहर रखने की वजह से पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। ऐसे में इस तरह का बयान देकर संस्कार, मर्यादाओं को तार- तार कर दिया है। जिसके लिए उनको माफी मांगनी चाहिए। यही नहीं, उनके अखिलेश यादव, उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिए बता रहे हैं। जबकि अखिलेश यादव के पिता ने राज्य आंदोलन के दौरान रामपुरा तिराहा में गोली चलवाई। महिलाओं के साथ सारी हदें पार की गई. इससे मसूरी और खटीमा में गोलीकांड हुआ।
इस मामले में प्रदेश के सीएम ने कहा कि समाजवादी पार्टी के साथ उत्तर प्रदेश समेत उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी गठबंधन में है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी को उत्तराखंड के अंदर अपना स्पष्ट मत बताना चाहिए कि वो इस तरह से बयान के बारे में किस तरह से सोचते हैं। जबकि उत्तराखंड के लोगों की कोई मजबूरी नहीं है। ऐसे में आपका गठबंधन आपको मुबारक, आपको ही भाता है। लेकिन उत्तराखंड के मान सम्मान, स्वाभिमान के साथ कोई समझौता यहां के लोग काफी स्वीकार नहीं करेंगे, क्योंकि यहां राष्ट्रवादी लोग हैं।
