संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा ने की श्रम कानूनों का पालन करने और श्रमिक नेताओं पर दर्ज मुकद्मे वापस लेने की मांग
हरिद्वार। संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उद्योगों में श्रम कानूनों के कथित उल्लंघन का आरोप लगाते हुए श्रमिकों पर दर्ज झूठे मुकदमों को वापस लेने और ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग की।
पत्रकार वार्ता के दौरान इंकलाबी मजदूर केंद्र के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंकज बवाड़ी ने कहा कि फैक्ट्रियों में श्रमिकों की जायज मांगों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले श्रमिकों को कथित तौर पर झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है और पुलिस के माध्यम से परेशान किया जा रहा है। पंकज बवाड़ी ने कहा कि श्रमिकों के हितों के लिए संघर्ष करने वाले मजदूर नेताओं को डराने धमकाने की कार्रवाई बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रमिक लंबे समय से न्यूनतम वेतन, सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों और ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने मांग की कि श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित किया जाए और श्रमिकों के उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए। श्रमिक नेताओं पर दर्ज किए गए कथित झूठे मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों की जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन लगातार जारी रहेगा। इस दौरान दीपा ने भी श्रम कानूनों का पालन नहीं होने और श्रमिकों के उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ने पर चिंता जताई। उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं का समाधान किए जाने की मांग की। पत्रकार वार्ता में खेमानंद, रोहित, सुनील, आनंद, अवधेश, गोविंद, राजकिशोर, नीता, रजनी, अनिल सैनी सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
