लाइन मैन की उपचार के दौरान मौत, आर्थिक सहायता की मांग को लेकर ग्रामीणों ने दिया धरना
अल्मोड़ा। सल्ट ब्लॉक के यूपीसीएल शशिखाल में कार्यरत मुनढ़ा गांव निवासी लाइनमैन की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीण शव लेकर शशिखाल बिजलीघर पहुंचे। जहां उन्होंने शव रखकर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने के साथ ही अन्य मांगों को लेकर अधिकारियों और ठेकेदार से जवाब मांगा। करीब 11 घंटे चले विरोध के बाद अधिकारियों और ठेकेदार की ओर से अधिकतम संभव आर्थिक सहायता का आश्वासन दिए जाने पर मामला शांत हुआ।
ग्राम पंचायत मुनढ़ा निवासी 40 वर्षीय बलवंत सिंह पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। बताया गया कि लॉपिंग के दौरान उनके पैर में चोट लग गई थी, जिसमें बाद में संक्रमण फैल गया। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से वह इलाज नहीं करा पा रहे थे। परिजनों का आरोप है कि बलवंत ने ठेकेदार से वेतन और ईएसआई कार्ड उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिला. ईएसआई कार्ड भी उपलब्ध नहीं कराया गया।
बलवंत की पत्नी सुमित्रा देवी की गुहार पर ग्रामीणों ने चंदा जुटाया। उन्हें काशीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उसके बाद ग्रामीण शव लेकर शशिखाल बिजलीघर पहुंचे और धरने पर बैठ गए. सूचना पर पुलिस और तहसील प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
प्रभारी अधिशासी अभियंता भास्कर पांडे और तहसीलदार आबिद अली ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। शाम करीब साढ़े चार बजे अधीक्षण अभियंता सुरेंद्र सिंह कंवर भी मौके पर पहुंचे और परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। अधिकारियों और ठेकेदार की ओर से अधिकतम आर्थिक मदद के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब देर शाम धरना समाप्त कर शव को बिजलीघर से लेकर गए। धरने में मृतक के चाचा दौलत सिंह, ग्राम प्रधान अमित रावत, गणेश रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अर्जुन रावत, राज्य आंदोलनकारी जगत सिंह, घनानंद शर्मा, मोहन शर्मा, पुष्कर सिंह, पुष्कर मेहरा, अजय रावत, विनोद ध्यानी, प्रधान संगठन अध्यक्ष गिरीश रावत आदि मौजूद रहे। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता भास्कर पांडे ने बताया कि बीमारी से हुई हुई मृत्यु पर विभाग में मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है। बलवंत सिंह की मृत्यु बीमारी से हुई है। ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों के सहयोग से परिजनों को अधिकतम आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
