हेमकुंड साहिब में हुई सीजन की पहली बर्फबारी, श्रद्धालुओं में खासा उत्साह
चमोली। गुरुवार की सुबह बारिश के साथ हेमकुंड साहिब में ताजा बर्फबारी हुई। बर्फ की सफेद चादर में लिपटा हेमकुंड साहिब का मनमोहक दृश्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रकृति ने मानो इस पवित्र धाम को अपने ही अंदाज में सजाकर श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारी की हो।
बर्फबारी के बीच हेमकुंड साहिब पहुंचे सिख श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारे में मत्था टेककर दर्शन किए और इसके साथ ही सीजन की पहली बर्फबारी का भी आनंद लिया। श्रद्धालुओं का कहना था कि हेमकुंड साहिब जैसे पवित्र धार्मिक स्थल के दर्शन के साथ पहली बर्फबारी देखने का अवसर मिलना उनके लिए विशेष अनुभव है। बर्फ से ढकी चोटियों और गुरुद्वारा परिसर का नजारा श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। बरसात कम होने के बाद हेमकुंड साहिब की यात्रा ने भी रफ्तार पकड़ ली है। इन दिनों रोजाना करीब 1500 से 1800 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं। हेमकुंड साहिब के साथ-साथ बड़ी संख्या में पर्यटक फूलों की घाटी भी पहुंच रहे है।
हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के मैनेजर सेवा सिंह ने बताया कि यात्रा सुगम और व्यवस्थित तरीके से चल रही है। 16 सितंबर को 1894 श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब के दर्शन किए। 16 सितंबर तक कुल 3,26,828 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब में मत्था टेक चुके हैं। श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और यात्रा धीरे-धीरे फिर से रफ्तार पकड़ रही है। हेमकुंड साहिब के अलावा केदारनाथ धाम में भी गुरूवार सुबह से हल्की बारिश हुइ। मौसम खराब होने के कारण केदारनाथ हेली सेवाओं का फिलहाल बंद कर दिया गया है। इसके अलावा केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के समीप लैंडस्लाइड जोन में पहाड़ी पर अभी भी बड़े-बड़े पत्थर फंसे हुए हैं, जो तेज बारिश के कारण कभी भी नीचे गिर सकते हैं। इसीलिए तेज बारिश और धुंध के चलते सुरक्षा की दृष्टि से इस स्थान पर मार्ग की सफाई व चौड़ीकरण का कार्य फिलहाल स्थगित किया गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए गौरीकुण्ड और सोनप्रयाग से केदारनाथ की ओर यात्रियों को नहीं भेजा जा रहा।
