कुमाऊं में बारिश और भूस्खलन से 92 सड़कें बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्त
नैनीताल। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में बारिश आफत बनी हुई है। बारिश के कारण हो रहे लैंडस्लाइड से अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और नैनीताल जिलों मिलाकर 92 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। इससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। लोगों बारिश और भूस्खलन से लोगों की आवाजाही भी बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रही है। प्रकृति की इस विनाशलीला में अब तक 17 लोग असमय काल का ग्रास बने है।
कुमाऊं मंडल में बारिश का सर्वाधिक असर सड़कों पर पड़ा है। फिलहाल मंडल में 92 सड़कें बंद हैं, इसमें नैनीताल जिले में सर्वाधिक 47 सड़कें हैं। जिला मुख्यालय के समीपवर्ती मंगोली थापला मार्ग बंद होने से शहर में दूध व सब्जी की आवक प्रभावित हुई है, जबकि किलबरी मार्ग बंद होने से नयना देवी बर्ड रिजर्व क्षेत्र के सौ के करीब होटल, होमस्टे में पर्यटकों की आवाजाही रुक गई है। नैनीताल हल्द्वानी, नैनीताल, भवाली व ज्योलिकोट भवाली मार्ग पर लगातार पहाड़ियों से पत्थर व मलबा गिर रहा है, जिससे यह मार्ग जोखिम वाले बन गए हैं।
कमिश्नरी कार्यालय के अनुसार कुमाऊं में कुल 4309 सड़कों में से 92 बंद हैं । इसमें अल्मोड़ा में 12, पिथौरागढ़ में 21, बागेश्वर में छह व चंपावत में एक बॉर्डर रोड सहित पांच मार्ग शामिल हैं। मंडल में इस मानसून काल में 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2426 भवनों को आंशिक, 30 भवन तीक्ष्ण जबकि 12 भवन पूर्ण क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। नीताल में बारिश से नाले उफान पर हैं तो झील का जलस्तर उच्च स्तर पर पहुंच चुका है, जिसके बाद झील के गेटों से 15 इंच पानी पिछले 24 घंटे से लगातार छोड़ा जा रहा है। झील में नौकायन पिछले 48 घंटे से ठप है, झील से निकासी की वजह से बलियानाला में किनारे से कटान हो रहा है। भीमताल में 20 परिवारों के 50 लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा अल्मोडा में लगातार हो रही इस आफत की बारिश का सीधा असर व्यापार पर भी देखने को मिल रहा है। अल्मोड़ा नगर के मुख्य बाजारों सहित आसपास के कस्बों की बाजारों से रौनक गायब है। सड़कों के बंद होने और खराब मौसम के डर से लोग घरों में ही दुबके हैं। बाजारों में समय से पहले ही पूरी तरह सन्नाटा पसर जा रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर न जाने की अपील की है।
