ऐराड़ी गाँव निकट सबधारखाल में हाऊसिंग सोसाइटी या काश्तकारी के लिए बिकी 112 नाली जमीन! डी एम. स्वाति सिंह ने दिए जाँच के आदेश

पौड़ी/हरिद्वार. Thesoulofindia, Belwal
पौड़ी गढ़वाल के कोट ब्लॉक स्थित ऐराड़ी गांव निकट सबधारखाल, पौड़ी मार्ग में 144 नाली जमीन के बड़े सौदे और प्लॉटिंग की जानकारी आयी है, कुछ भाइयों ने आर्थिक तंगी से निजात पाने के लिए अपनी जमीन बेची है और कुछ ग्रामीणों ने भी अपनी जमीन बेची है कुल 112 नाली कृषि भूमि बेचने की बात सामने आई है.
आसपास गाँव के लोगों जब यह बात पता लगी कि कोई कंपनी यहाँ हाऊसिंग सोसाइटी, क्लब आदि का निर्माण करेगी और बाहर के लोगों को यहाँ बसाया जाएगा तो उन्होंने इस पर गहरी आपत्ति जताई, मामला मीडिया में उछला, गाँव की बात शहर तक गई और विवाद सोशल मीडिया में एक के बाद एक यह मामला लहराने लगा,
उत्तराखंड के एक व्यक्ति के नाम पर बाहर के लोगों को जमीन बेचने के इस विवाद पर पौड़ी की जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने संज्ञान लिया और एडीएम की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है और जांच पूरी होने तक संबंधित भूमि पर सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है।जिलाधिकारी के निर्देश और कार्रवाई के मुख्य बिंदु:जांच समिति का गठन: जमीन की खरीद-फरोख्त, कृषि उद्देश्य बताकर व्यावसायिक उपयोग की तैयारी और रेरा (RERA) के नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम बनाई गई है ।
निर्माण कार्यों पर रोक: पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मौके पर चल रहे सभी प्रकार के निर्माण और प्लॉटिंग से जुड़े कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों के विरुद्ध जाकर यदि कृषि भूमि का दुरुपयोग या अवैध कब्जा पाया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ऐराड़ी गांव में दून हैचरीज लिमिटेड कंपनी नई दिल्ली ने स्थानीय व्यक्ति के माध्यम से 112 नाली भूमि खरीदी है। दस्तावेजों में भूमि खरीद को कृषि उपयोग दर्शाया गया है। लेकिन मीडिया में हाउसिंग सोसायटी विकसित किए जाने का प्रचार किया जा रहा है। ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी के बाद प्रशासन अब जांच में जुट गया है।
सबधार खाल के समीप के ग्राम सभा ढूंगली गडेरा के रहवासी वरिष्ठ नागरिक श्रेष्ठमणि बेलवाल ने भी इसे चिंता का विषय बताया है.

विस्तार से जानते हैंकि जिले के कोट ब्लाक में सितोनस्यूं पट्टी स्थित ऐराड़ी गांव में बीते जुलाई माह में बड़े स्तर पर भूमि की खरीदारी हुई। गांव के 12 ग्रामीणों ने 112 नाली भूमि दून हैचरीज लिमिटेड कंपनी कालका-जी नई दिल्ली को यमकेश्वर ब्लाक के कोठार दिउली निवासी व कंपनी के निदेशक को बेची है। ग्रामीणों के अनुसार कुल 144 नाली भूमि बेची जानी है। जिसमें से 112 नाली की विक्रय प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने भूमि खरीद को पहाड़ में भू-माफिया के बढ़ते कदम बताया है। सामाजिक कार्यकर्ता रोहित भट्ट ने कहा कि सरकार सशक्त भू-कानून बनाने का दावा कर रही है। सरकार के दावे में प्रदेश के 11 जिलो में बाहरी राज्य का व्यक्ति 250 वर्ग मीटर से अधिक भूमि बिना अनुमति के नहीं खरीद सकता है। उत्तराखंड के व्यक्ति को भूमि खरीद को लेकर यह प्रतिबंध नहीं है। भू-माफियाओं ने भू-कानून की इस बड़ी चूक का तोड़ निकाल लिया है। कहा कि क्षेत्र के ऐराड़ी गांव में दून हैचरीज लिमिटेड कंपनी ने गांव के 12 ग्रामीणों से यमकेश्वर ब्लाक निवासी एक व्यक्ति को माध्यम बनाकर 112 नाली भूमि खरीदी है। यह पहाड़ में पुश्तैनी भूमि को खुर्द-बुर्द किए जाने का नया तरीका सामने आया है। और भविष्य में इसके दुरूपयोग की संभावना है,
हालाँकि इस नियम के बनने से पहले उत्तराखंड की कितने नाली, कितने एकड़ भूमि बाहरी राज्य के लोग औने पौने दामों में खरीदकर बड़े होटल, रिसोर्ट, बड़े बड़े स्विमिंग पुल, कोठी बँगले बना चुके हैं शायद अनुमान लगाना भी मुश्किल हो, हाथी निकल चुका है पूँछ पकड़िये…. देर आए दुरुस्त आए, फिलहाल यही कहा जा सकता है
