भागवत कथा श्रवण से मन निर्मल होता है और जीव को जीवन मरण से मुक्ति मिलती है। -महंत बिष्णु दास महाराज

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हरिद्वार। श्रीसद्गुरू भगवान साकेतवासी श्रीश्री 1008 श्रीमहंत श्रद्वेय नृसिंहदास जी महाराज ढेरियाॅवाले की 21वीं पुण्य तिथि पर 21वां गुरू स्मृति महोत्सव पूरे श्रद्वाभाव,धर्मिक अनुष्ठान के साथ मनाया जा रहा है।
श्री महंत बिष्णु दास महाराज के संयोजन में स्मृति महोत्सव के तहत श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ सेवा समिति भवन में जारी है। कथा व्यास पूज्य श्री चिन्मयानंद बापूजी ने चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं उनकी लीलाओं के बारे में श्रोताओं को बताया, इससे पूर्व चौथे दिन के कथा का शुभारंभ श्री गुरूसेवक निवास उछाली आश्रम परमाध्यक्ष श्री महंत बिष्णु दास महाराज के साथ संतों पोथी और
व्यास पूजन किया. इस मौके पर श्री महंत विष्णु दास महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से मनुष्य हमेशा सन्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित रहता है. कथा श्रवण से जीवन में हमेशा सकारात्मक रहकर आगे चलने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ सत्कर्मों की ओर ले जाता है. उन्होने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत श्रवण से मनुष्य का सब तरह से कल्याण हो जाता है। कथा श्रवण से मन निर्मल होता है, जन्म-जन्मांतर के विकार नष्ट होते हैं और जीव को मुक्ति मिलती है। उन्होने कहा कि श्रीमद भागवत कथा का श्रवण का लाभ यह है कि मानव जीवन का उद्देश्य संसार में रहते हुए भी हरि स्मरण के द्वारा पापों से मुक्त होकर उत्तम जीवन मिलता है. कथा व्यास चिन्मयानंद बापूजी ने श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन का कृष्ण लीला की कथाका श्रद्वालुओं को श्रवण कराया।
इस दौरान कई संतों के साथ-साथ श्रीमती चाॅद,बृजमोहन सेठ,श्रीमती श्वेता,नितिन सेठ,वन्दना,भव्य एवं अनिरूद्व के अलावा पुनीत दास, अधिकारी राघवेन्द्र दास,अमनदास,रामचन्द्र दास, गणेश, शालीग्राम,अमरदास,गौरव के अलावा उछाली आश्रम के सेवकगणों के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्वालुगण मौजूद रहे।

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