राज्य आंदोलनकारी जेपी पांडे को उनकी सातवीं पुण्यतिथि पर याद किया गया दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय संस्थापक अध्यक्ष जेपी पांडे को आज उनके सातवीं पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।
समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप ने इस मौके पर जेपी पांडे को उत्तराखंड आंदोलन का स्तंभ बताया और कहा कि उन्होंने हरिद्वार को उत्तराखंड मे जोड़े जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि पहले जेपी पांडे ने राज्य निर्माण आंदोलन का बढ़-चढ़कर नेतृत्व किया और जब राज्य बन गया तो उन्होंने राज्य को एक आदर्श राज्य बनाने के लिए लंबे संघर्ष किया ।
उन्होंने चिन्हित राज्य आंदोलनकारी सयुक्त समिति का गठन किया और राज्य भर के चिन्हित ं आंदोलनकारियों को संगठित करने का काम किया ।
नरेंद्र प्रताप ने कहा कि जे पी पांडे को भुलाया जाना बहुत मुश्किल होगा।
उन्होंने जेपी पांडे की हरिद्वार में प्रतिमा लगाए जाने की मांग की इ।
इस मौके पर समिति के नेता राम सिंह रावत गंगा सिंह धोनी बहादुर सिंह नेगी अर्चना भैसों, रश्मि सुंदरियाल, हरकिशन पांडे जगत राम शर्मा कुशाल सिंह रावत आदि सभी नेताओं ने दिवंगत नेता को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें उत्तराखंड आंदोलन का हीरो बताया।
इस सभा में धामी सरकार द्वारा आंदोलनकारी की पेंशन मात्र 1000 बढ़ाए जाने को राज्य सरकार की कंजूसी बताया और कहा कि राज्य सरकार अपने प्रचार के लिए तो एक लाख करोड रुपए का 1000 करोड रुपए खर्च कर दी परंतु आंदोलनकारी को देने के लिए उनके पास पैसे नहीं है आंदोलनकारी ने राज्य विधानसभा के आधे सत्र गैरसेण में किए जाने की मांग की।
बाद में सभी आंदोलनकारियों ने जेपी पांडे की याद में 2 मिनट का मौन रखा।
धीरेंद्र प्रताप ने हरिद्वार में जेपी पांडे के नाम के सड़क मार्ग अब तक भी ठीक से सौंदर्य शकरण न किए जाने और इस सड़क के नाम के पत्थर को ठीक से स्थापित न किए जाने की भी आलोचना की।
