मनोहारी प्रस्तुतियों के साथ सम्पन्न हुआ संस्कृति स्कूल, हरिद्वार का 21वां वार्षिकोत्सव
नन्हें मुन्हें बच्चों ने भारतीय परंपरा, संस्कृति और देशभक्ति से जुड़ी एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां प्रस्तुत की, अभिभावक एवं आगंतुक हुए भाव विभोर

Suryakant belwal, soulofindia, Haridwar.
इकतारा’– द ट्यून्स ऑफ टुगेदरनेस -2025”* की थीम पर सिडकुल के प्रसिद्ध होटल में 20 सितम्बर को संस्कृति स्कूल रानीपुर मोड़ का वार्षिकोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्री-नर्सरी से सीनियर के.जी. तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें भारतीय परंपरा, संस्कृति और देशभक्ति की झलक साफ दिखाई दी। जिन्हें तालियों की गड़गड़ाहट के साथ खूब सराहा गया। नन्हें मुन्हें बच्चों ने की मनोहारी इन विभिन्न प्रस्तुतियों ने सबका मन मोह लिया।
अंत में रामलीला का मंचन बहुत उत्सुकता पूर्ण रहा जिसके पात्रों का रूप रंग और अभिनय देखते ही बनता था।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुआ, मुख्य अतिथि *डॉ. सलोनी बस्सी मैसन*, * पत्रकार सचिन शर्मा*, विशिष्ट अतिथि *श्रीमती अंजला कालरा*, निदेशक *श्रीमती दिव्या पंजवानी*, प्राचार्या *श्रीमती श्वेता सहगल*, तथा पंजवानी परिवार और विद्यालय के शिक्षकों ने सम्मिलित होकर समारोह का प्रारंभ किया।
अपने संबोधन में निदेशक *श्रीमती दिव्या पंजवानी* ने विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और सह-पाठयक्रम गतिविधियों में निरंतर प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी के समग्र विकास की दिशा में सतत प्रयास करना है।
इस अवसर पर मंच से *ऑल-राउंडर, मोस्ट प्रोग्रेसिव, नेचुरल स्माइल, अध्यापिका प्रोत्साहन एवं श्रेष्ठ गैर-शिक्षण स्टाफ* जैसे विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
विद्यालय की प्रिंसिपल *श्रीमती श्वेता सहगल* ने विद्यार्थियों की प्रतिभा और उपलब्धियों की सराहना करते हुए अभिभावकों, अतिथियों तथा मीडिया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रेरणादायी संदेश देते हुए कहा—
*“इकतारा की धुन की तरह, आइए हम सब मिलकर आगे बढ़ें और उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ाएँ।”*
इस अवसर को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों — *सिमरन, रश्मि ओझा, मेघा भारद्वाज, सीमा सिंह, सोनिया कौर बेदी, अरुणा वर्मा, ललिता पांडेय, ज्योति रावत, इशिका खन्ना, दुर्गा कुमारी और आयुषी* का सराहनीय योगदान रहा।
