यौन अपराधों से सुरक्षा को लेकर कानूनों की जानकारी होना जरूरी: रंजना

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रुद्रप्रयाग। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत चल रहे दस दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान के तहत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज अगस्त्यमुनि और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन में विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, शैक्षिक अवसरों तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना था।
कार्यक्रम के दौरान वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक रंजना गैरोला ने बालिकाओं को प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेन्सेस एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से सुरक्षा के लिए यह कानून कितना जरूरी है। वहीं, मिशन शक्ति के सहायक लेखाकार प्रियांशु सिंह ने बालिकाओं को नंदा गौरा योजना और इग्नू के माध्यम से मिलने वाली निःशुल्क शिक्षा की जानकारी दी, जिससे छात्राएं आगे की पढ़ाई में आत्मनिर्भर बन सकें। बाल कल्याण इकाई की केस वर्कर पूजा ने बच्चों को वात्सल्य योजना के लाभों और पात्रता के बारे में बताया, जो अनाथ एवं बेसहारा बच्चों के लिए एक सहारा बन सकती है। साथ ही सुरेन्द्र सिंह ने बाल विवाह की रोकथाम और विभागीय प्रक्रियाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी, जिससे छात्राएं अपने अधिकारों को पहचान सकें और सामाजिक बुराइयों से लड़ने में सक्षम बन सकें।

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जिले में 15 साल से ऊपर के किशोरों को बनाया जाएगा साक्षर
रुद्रप्रयाग। भारत सरकार की ओर से उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम संचालित किया गया है। कार्यक्रम के तहत जनपद के शिक्षा से वंचित 15 साल से ऊपर के किशोरों को साक्षर बनाया जायेगा। सभी नागरिकों को साक्षर कर समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जायेगा। जनपद के ऐसे वयस्क जो शिक्षा से वंचित रह गये हैं, को घर-घर सर्वे कर पहचान कर उन्हें घर पर ही प्रशिक्षकों द्वारा आधार भूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान प्रदान किया जायेगा।
उन्हें बुनियादी शिक्षा के साथ महत्वपूर्ण जीवन कौशल व व्यावसायिक कौशल प्रदान किया जायेगा। साथ ही उन्हें डिजिटल साक्षरता ज्ञान भी प्रदान किया जायेगा, जिससे वे किसी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी से सर्तक रहें और अपने परिवार का बचाव कर सके। शिक्षा विभाग का प्रयास है कि अपने जनपद में शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य प्राप्त किया जाए। इसके लिए उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम में जनपद के सभी विद्यालयों के संस्थाध्यक्ष, डायट, डिग्री कॉलेज, पॉलीटेक्निक, आईटीआई के संस्थाध्यक्षों से समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को लेकर जागरूक करने और प्रत्येक अशिक्षित व्यक्ति को साक्षरता करने में अपना सहयोग प्रदान करने की अपील की गई है। इसके लिए अन्य विभागों, सेवानिवृŸा कर्मचारियों व स्वयं सेवा संस्थाओं से भी सहयोग की अपेक्षा की गयी है।

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