ट्विन टावर्स को बारूद से ध्वस्त करने जैसे प्राविधान उत्तराखंड के अवैध निर्माणों पर भी लागू करने की मांग
कोई निर्माण अगर अवैध है तो वह अपराध शमन कर (आर्थिक दंड वसूल कर) वैध कैसे बन जाता है और यह बीमारी/कार्यप्रणाली/प्रवृति उत्तराखंड में काफी वर्षों से व्याप्त है: संयुक्त संगठन सचिव सुशील

देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की,अवैध निर्माणों को कंपाउंड कर वैध बनाने की प्रवृत्ति/ प्रावधानों को निरस्त करने/ भ्रष्टाचार की प्रतीक नोएडा की अंसल कंपनी के अवैध ट्विन टावर्स को बारूद से ध्वस्त करने जैसे प्राविधान उत्तराखंड के अवैध निर्माणों पर भी लागू करने की मांग राज्यपाल उत्तराखंड से की गई है। संयुक्त नागरिक संगठन देहरादून द्वारा भेजे गए पत्र में, जनहित याचिका MB/113/2025 में एमडीडीए के क्षेत्र(ऋषिकेश) में अवैध निर्माणों को रोकने में असफल रहे एमडीडीए के अध्यक्ष, सचिव,सहायक अभियंता तथा सचिव शहरी विकास आदि की कार्य प्रणाली पर गंभीर रुख अपनाते हुए उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा इनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश पर, गहरा क्षोभ प्रगट किया गया है।
विदित हो 3 जुलाई 25 को संबंधित प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा 9 जुलाई को सभी अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। संगठन सचिव द्वारा कहा गया है की आमजन में इस प्रकरण को लेकर गहरा दुख है और यह प्रधानमंत्री मोदी जी, मुख्यमंत्री धामी जी जो भ्रष्टाचार मुक्त राज्य के संकल्प के साथ जी जान से जुटे हैं,की प्रतिष्ठा पर भी गहरा आघात है और शासन प्रशासन के लिए भी शर्मनाक है। बताया गया है की प्राधिकरण द्वारा ऋषिकेश में अवैध निर्माणों को पूर्व में सील किया गया था परंतु बाद में अवैध निर्माण को कंपाउंड करते हुए फिर मानचित्र स्वीकृत कर दिया गया जो आपत्तिजनक है। संगठन सचिव के अनुसार कोई निर्माण अगर अवैध है तो वह अपराध शमन कर (आर्थिक दंड वसूल कर) वैध कैसे बन जाता है और यह बीमारी/कार्यप्रणाली/प्रवृति उत्तराखंड में काफी वर्षों से व्याप्त है। नागरिक संगठन सचिव सुशील त्यागी ने मांग की है की पूरे उत्तराखंड में शहरी विकास विभाग/मसूरी दून विकास प्राधिकरण/ हरिद्वार विकास प्राधिकरण जैसी सभी सरकारी संस्थानों के क्षेत्रों में भू माफियाओ द्वारा बनाए जा रहे अवैध निर्माणों की दिनरात व्यापक निगरानी/ सर्वेक्षण हेतु ड्रोन कैमरो तकनीकी का उपयोग 24 घंटे करना जरूरी है जिससे अवैध निर्माण,अवैध प्लाटिंग,अनधिकृत प्लाटिंग की खरीद फरोख्त रजिस्ट्री,प्रचार-प्रसार पर भी पूर्ण रूप से रोक लगाई जाए। पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, सचिव आवास को भी भेजी गई है।
