उत्तराखंड में भूकंप के झटकें, घरों से बाहर निकले लोग

उत्तरकाशी (कीर्ति निधि सजवाण) : रविवार सुबह भूकंप के तेज झटकों से कांप उठा उत्तरकाशी । छुट्टी के दिन लोग अपने घरों में थे तभी अचानक 8: 33 पर  में  भूकंप के तीव्र झटके आ गये जिससे लोग अपने घरों से बहार निकल आये। हालांकि किसी प्रकार की जानमाल के नुक़सान की खबर नहीं । उत्तराखंड में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। दहशत में लोग घरों से बाहर निकल आए। टिहरी समेत देहरादून, उत्तरकाशी और अन्य जिलों में भी यह झटके महसूस किए गए। हालांकि, इससे किसी जान माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.5 रही। सुबह 8 बजकर 33 मिनट पर आए इस भूकंप का अभिकेंद्र टिहरी जिले में रहा। भूकंप का केंद्र सतह से 5 किलोमीटर की गहराई में था। देहरादून, उत्तरकाशी समेत अन्य जिलों में भी यह भूकंप महसूस किया गया।
डीएम अभिषेक रुहेला ने आपदा प्रबंधन परिचालन केंद्र से सभी तहसीलों से जानमाल के नुकसान की सूचना लेने के निर्देश दिये है। जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान तक कहीं से जान माल की सूचना प्राप्त नही हुई है। सभी तहसीलों से सूचना ली जा रही है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित  उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग में भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया। लोग घरों से बाहर निकल आये। इधर भूकंप से फिलहाल जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। भी भूकंप के झटके महसूस किए गये। रिक्टर पैमाना पर 4.5 मापा गया है।
उत्तराखंड के कई शहरों में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 8:33 बजे राजधानी देहरादून, उत्तरकाशी, बड़कोट, टिहरी और मसूरी में लोगों ने भूकंप महसूस किया। भूकंप के यह झटके राजधानी देहरादून, मसूरी से लेकर उत्तरकाशी तक महसूस किए गए। जिला मुख्यालय उत्तरकाशी सहित डुंडा भटवाड़ी बड़कोट नौगांव क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। वहीं, रुद्रप्रयाग में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रविवार यानि 6 नवंबर की सुबह करीब आठ बजकर 33 मिनट तीन सेकेंड पर भूकंप का झटका महसूस किया गया। रिक्टर स्केल में इसकी तीव्रता 4.5 थी। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का आक्षांस 30.67 और देशांतर 78.60 था साथ ही इसका केंद्र जमीन के भीतर करीब पांच किलोमीटर था। जो उत्तरकाशी के चिन्यालीसौंड से करीब 35 किमी दूर टिहरी जिले में बताया जा रहा है। देखा जाए तो उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। राज्य के अति संवेदनशील जोन पांच की बात करें इसमें रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी जिले आते हैं। जबकि ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, चंपावत, हरिद्वार, पौड़ी व अल्मोड़ा जोन चार में हैं वहीं देहरादून व टिहरी दोनों जोन में आते हैं।

उत्तराखंड के दो बड़े भूकंप

उत्तराखंड के उत्तरकाशी और चमोली जिले में दो बड़े भूकंप आ चुके हैं। उत्तरकाशी में 20 अक्टूबर 1991 को 6.6 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप में उस समय हजारों लोगों की मौत हुई थी। साथ ही संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा था। दूसरा भूकंप 29 मार्च 1999 में चमोली जिले में उत्तराखंड का दूसरा बड़ा भूकंप आया था। देश के उत्तर प्रदेश (अब उत्तराखंड) राज्य में आया यह भूकंप हिमालय की तलहटियों में 90 वर्षों का सबसे शक्तिशाली भूकंप था। इस भूकंप में 103 लोग मारे गए थे।

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