हिमालय से हिन्द महासागर साइकिल अभियान

विजय प्रताप सिंह ने सफलतापूर्वक पूरा किया साहसिक साइकिल अभियान 26 अक्टूबर 2021 को भारत के अंतिम छोर कन्याकुमारी में समाप्त हुआ।

हिमालय से हिन्द महासागर साइकिल अभियान

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से 8 अक्टूबर 2020 को आरम्भ हुआ साहसिक साइकिल अभियान 26 अक्टूबर 2021 को भारत के अंतिम छोर कन्याकुमारी में समाप्त हुआ। कुल 19 दिन के इस अभियान में विजय प्रताप सिंह ने 3027 किलोमीटर की दुरी तय की जिसमे 201 घंटे की साइकिलिंग शामिल है। एडवेंथ्रिल  के संस्थापक  विजय प्रताप सिंह जो की उत्तराखंड में विगत 5 वर्षाे से साहसिक खेलो तथा पर्यटन को काफी बढ़ावा दे रहे हैं ने बताया की इस अभियान का उद्देश्य पुरे देश के युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपनी सेवाओं से अवगत करना था जिसमे फिटनेस तथा साहसिक खेलो का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है।
विजय प्रताप सिंह ने कहा की इस सोलो साइकिल अभियान में उन्होंने बहुत ही कठिनायों का सफलतापूर्वक मुकाबला किया और अंत में शाबित किया क्यों साहसिक खेल हमारी ज़िंदगी में महत्वपूर्ण हैं।  विजय प्रताप सिंह जिन्होंने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से पर्वतारोहण में प्रक्षिक्षण प्राप्त किया है ने बताया की देहरादून से आरम्भ हुयी इस सोलो साइकिल यात्रा में कई अलग अलग कठिनाई उनको आईं जिसमे कड़ी धूप, बारिस, जंगल, साइकिल में तकनिकी खराबी, रात्रि में अनजान जगह रुकना और शारीरिक समस्यांए आदि शामिल है।  पर अपने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में मिले प्रशिक्षण की बदौलत उन्होंने सब कठिनयों को मजबूती से सामना किया। इस अभियान को सफल बनाने में कर्नल हरिराज सिंह  राणा (भूतपूर्व कमांडिंग अफसर 127 एक टास्क फॉर्स ) ने महत्वपूर्ण योगदान दिय। कर्नल हरिराज सिंह राणा ने रास्ते में विजय के लिए मिलिट्री कमांडरों से मुलाक़ात तथा रहने की  व्यस्था सुनिश्चित करके इस अभियान को सफल बनाने में अग्रणी भूमिका  निभाई।  
विजय ने बताया की इसके पीछे हमारा एक उदेश्य  ये भी था की में युवाओं को ये सन्देश दे सकू की अगर वो देश के लिए योगदान देना चाहते है तो काफी सारे मौके उपलब्ध है जिनमे टेरीटोरियल आर्मी एक बहुत ही अच्छा विकल्प है। टेरीटोरियल आर्मी भारतीय सेना का ही एक अभिन्न अंग है जिसमे 18 वर्ष से 42 वर्ष तक के लोग आवेदन कर सकते हैं। विजय ने रास्ते में मिले तमाम युवाओं को इसके प्रति भी जागरूक किया।
विदित रहे विजय प्रताप सिंह ने एडवेंथ्रिल 2016 में अपनी बैंकिंग की जॉब छोड़कर आरम्भ की थी तथा विगत 5 वर्षों में एडवें थ्रिल ने माउंटेनियरिंग , ट्रैकिंग, वाइल्डलाइफ, साइकिलिंग, रॉक क्लाइम्बिंग में अपनी सेवाओं से उत्तराखंड में ही नहीं अपितु देश में युवाओं को रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराएं है।  विजय प्रताप सिंह जो की स्वयं इंटरनेशनल बिज़नेस में मास्टर्स डिग्री प्राप्त करके आने वाली पीड़ी को स्वरोजगार के प्रति जागरूक कर रहे है ने कहा युवाओं को भारत को और उन्नत बनाने के लिए कड़े निर्णय लेने का वक़्त आगया है वरना हम समाज द्वारा बनाये मापदंडो पर चलकर बस उसी पुराने चाल चलन पर चलते रहेंगे।  इसी क्रम में उन्होंने कहा जैसे उन्होंने विगत समय में देहरादून स्पीति वैली साइकिल अभियान और अभी देहरादून कन्याकुमारी साइकिल अभियान किया है आगे भी और साहसिक अभियान चलाकर युवाओं में ऊर्जा भरते रहेंगे। विजय प्रताप सिंह के इस साइकिल अभियान को सफल बनाने में उनके कुछ करीबी मित्रों का बहुत खास योगदान रहा जिनमे उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी जयदीप सकलानी, आगास फेडरेशन के जे पी मैथानी, एडवेंथ्रिल टीम के सीनियर साइकिलिस्ट अपूर्व सकलानी, भारतीय ब्लाइंड फूटबाल टीम के कोच नरेश सिंह नयाल आदि शामिल थे।  विजय ने अपनी टीम एडवेंथ्रिल का भी तहेदिल से शुक्रिया किआ जिनमे मुंबई से अनुसोम, कौशल पांडेय, प्रदीप डोभाल, शुभेन शाही, इशिता गुप्ता ने अहम् योगदान दिया।