मस्ज़िद के फैलाव के लिए हिन्दू ने दान की ज़मीन-मस्ज़िद के फैलाव के लिए हिन्दू ने दान की ज़मीन

साम्प्रदायिक खुशगवारी, हिन्दु-मुस्लिम एकता एवं शान्तिपूर्ण आपसी वज़ूद का उदाहरण पेश करते हुए एक हिन्दू मोहन राय (अध्यक्ष, एलिया श्री विष्णुमूर्ति मन्दिर, गाँव-ओलेमुण्डोबु, कर्नाटक) ने एक मस्ज़िद के फैलाव के लिए अपनी ज़मीन के एक हिस्से को, जो कि मस्ज़िद के साथ ही सटा हुआ था, दान दे दिया।

अमन अहमद
साम्प्रदायिक खुशगवारी, हिन्दु-मुस्लिम एकता एवं शान्तिपूर्ण आपसी वज़ूद का उदाहरण पेश करते हुए एक हिन्दू मोहन राय (अध्यक्ष, एलिया श्री विष्णुमूर्ति मन्दिर, गाँव-ओलेमुण्डोबु, कर्नाटक) ने एक मस्ज़िद के फैलाव के लिए अपनी ज़मीन के एक हिस्से को, जो कि मस्ज़िद के साथ ही सटा हुआ था, दान दे दिया। उन्होंने यह मिसाल ऐसे वक़्त पर पेश की है जब कुछ असामाजिक उन्सुर (तत्व) समाज में हिन्दू-मुस्लिम के बीच भेदभाव पैदा करके साम्प्रदायिक माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे सराहनीय कार्य की तारीफ़ सिर्फ इलाक़ाई लोगों द्वारा ही नहीं बल्कि मुस्लिम समाज के द्वारा भी की जा रही है।   
श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ समिति में मुस्लिमों का योगदान-
 ‘करनी मेला’, गाँव-वजीदपुर, दलसिंहसराय, समस्तीपुर जिला (बिहार) में 4 से 11 मार्च, 2018 तक आयोजित ‘श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ’ समिति में इलाक़ाई मुस्लिमों का शामिल होना हिन्दू-मुस्लिम एकता व साम्प्रदायिक सद्भाव फैलाने का बेहतरीन पैग़ाम है। यहाँ पर यह क़ाबिले ब़यान है कि इस कार्यक्रम की शुरुआत 20 फरवरी, 2018 को भूमि-पूजन (धार्मिक रिवाज) से हो चुका है।
एकसाथ फेरे और निकाह: सामूहिक विवाह हिन्दू-मुस्लिम एकता की बेजोड़ मिसाल बना -
 बांदा जनपद (उत्तर प्रदेश) में सभी ग्राम प्रधानों, सांसदों, विधायकों और अधिकारियों की मौजूदगी में योगी आदित्यनाथ जी की ‘मुख्यमन्त्री सामूहिक विवाह योजना’ के तहत 19 फरवरी 2018 को 125 जोड़ियों के शानदार सामूहिक विवाह समारोह में हिन्दुओं के अलावा तीन मुस्लिम जोड़ों का भी विधिवत् पण्डित और काजी द्वारा एकसाथ फेरे और निकाह कराना हिन्दू-मुस्लिम एकता की अद्भुत मिसाल है जिसमंे सभी जोड़ियों को सरकार की ओर से 20000/- रुपये नकद और 10000/- रुपये का सामान दिया गया।
मदरसे में हिन्दू-मुस्लिमों ने खेली फूलों की होली -
 सम्भल (उत्तर प्रदेश) के गाँव मऊ भूड़ स्थित अलीजान जमीयत उल मुस्लेमीन एजुकेशनल सोसायॅटी के मदरसे मौलाना मुहम्मद अली जौहर में पिछले पांच सालों से हिन्दु-मुस्लिम छात्र, मुस्लिम समुदाय के लोग और हिन्दु सन्त होली मिलन समारोह का इन्तज़ामात करते हैं और फूलों की होली खेलते हैं तथा बीच-बीच में ‘भारत माता की जय’ व ‘वन्देमातरम्’ के नारे लगाते हैं।