एक संस्था के साथ मिलकर दिपांशी ने किए गरीबों को गरम वस्त्र वितरित

देहरादून। मिस उत्तराखण्ड 2021 कल्चर वर्ल्ड प्रतियोगिता में दूसरा स्थान ग्रहण करने वाली दिपांशी सिंह समाजिक कार्यो में भी अपनी भूमिका निभा रही है। रविवार को दिपांशी सिंह ने क्षेत्र के गरीओं को सर्दी और पाले से बचाव के लिए क्षेत्र की एक संास्था के साथ मिलकर गरम वस्त वितरण के स्टॉल लगाए। साथ ही स्थानीय संस्था के साथ मिलकर आसपास की कई बस्तियों में जाकर भी दिपांशी सिंह लगातार गर्म वस़्त्र वितरित कर रही है। उसके अलावा भी दिपांशी काफी कम उम्र से क्षेत्र के सामाजिक कार्यो में लगातर हिस्सा लेती रही है। इस मामले में क्षेत्रवासियों का यह कहना था कि दिपांशी शुरू से ही काफी व्यवाहर कुशल लड़की है। जिसने स्कूली शिक्षा ग्रहण करने के साथ ही शुरू से ही सामाजिक कार्यो में रूची दिखाई। दिपांशी सिंह का कहना है कि उन्हे दुसरों की मदद करने में आत्म संतुष्टि मिलती है। इंसान एक सामाजिक प्राणी है। इसलिए हर इंसान को सामाजिक क्रियाकलापों में अनिवार्य रूप से अपनी भूमिका निभानी चाहिए। जिससे कि एक सभ्य समाज की स्थापना हो सके। आपकों यह भी बता दें कि उनके पिता वीर सिंह अपनी युवा अवस्था से क्षेत्र के सामाजिक कार्याे में अपना पूरा सहयोग करते रहे है। दिपांशी भी अपने पिता को अपना प्ररेणाश्रोत मानती है।

एक संस्था के साथ मिलकर दिपांशी ने किए गरीबों को गरम वस्त्र वितरित


देहरादून। मिस उत्तराखण्ड 2021 कल्चर वर्ल्ड प्रतियोगिता में  दूसरा स्थान ग्रहण करने वाली दिपांशी सिंह समाजिक  कार्यो में भी अपनी भूमिका निभा रही है। रविवार को दिपांशी सिंह ने क्षेत्र के गरीओं को सर्दी और पाले से बचाव के लिए क्षेत्र की एक संास्था के साथ मिलकर गरम वस्त वितरण के स्टॉल लगाए। साथ ही स्थानीय संस्था के साथ मिलकर आसपास की कई बस्तियों में जाकर भी दिपांशी सिंह लगातार गर्म वस़्त्र वितरित कर रही है। उसके अलावा भी दिपांशी काफी कम उम्र से क्षेत्र के सामाजिक कार्यो में लगातर हिस्सा लेती रही है।
इस मामले में क्षेत्रवासियों का यह कहना था कि दिपांशी शुरू से ही काफी व्यवाहर कुशल लड़की है। जिसने स्कूली शिक्षा ग्रहण करने के साथ ही शुरू से ही सामाजिक कार्यो में रूची दिखाई। दिपांशी सिंह का कहना है कि उन्हे दुसरों की मदद करने में आत्म संतुष्टि मिलती है। इंसान एक सामाजिक प्राणी है। इसलिए हर इंसान को सामाजिक क्रियाकलापों में अनिवार्य रूप से अपनी भूमिका निभानी चाहिए। जिससे कि एक सभ्य समाज की स्थापना हो सके। आपकों यह भी बता दें कि उनके पिता वीर सिंह अपनी युवा अवस्था से क्षेत्र के सामाजिक कार्याे में अपना पूरा सहयोग करते रहे है। दिपांशी भी अपने पिता को अपना प्ररेणाश्रोत मानती है।